Car Me Airbag Kya Hota Hai? Air Bags कैसे सुरक्षा करते हैं?

What Is Airbag In Hindi – हमारे देश में कारों के शौकीनों की कोई गिनती नहीं। महंगी, लग्जरी कार दौड़ाने का सपना हर किसी की आंख में रहता है। एक सच यह भी है कि Car अब शौक से आगे जरूरत का नाम हो गया है। खास तौर से बड़े शहरों में, जहां घरों से आफिस की दूरी कई किलोमीटर होती है। बैंकों के कार Loan की वजह से अब हर किसी के लिए कार रखना बेहद आसान भी हो गया है। छोटा शहर हो या बड़ा। ऐसा कोई नहीं है जिसके पास कार ना हो अब वह जमाने लद चुके।

Car Me Airbag Kya Hota Hai? Air Bags कैसे सुरक्षा करते हैं?

लेकिन दिक्कत तब आती है, जब कार की ड्राइविंग सीट पर बैठते ही एक्सीलेटर पर पांव का दबाव बढ़ जाता है। मेट्रो सिटीज में अक्सर Saturday night को या अन्य जगह भी ज्यादातर अंधाधुंध Driving या नशे में Driving की वजह से accident हुए मिलते हैं। अब Cars में Airbags होने की वजह से फिर भी accident की स्थिति में काफी बचाव हो जाता है।

लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि Car में Airbags क्यों होते हैं, या यह किस तरह बचाव करते हैं? अगर आप इस बारे में नहीं भी जानते हैं तो भी चिंता की जरूरत नहीं। हम आपको Airbags से जुड़ी सारी जानकारी इस post के जरिए बिंदुवार देने की कोशिश करेंगे। आइए जानते हैं एयरबैग के बारे में –

Car Me Airbag Kya Hota Hai –

एक समय था, जब कारों की आमने-सामने की भिड़ंत में या किसी गंभीर हादसे में कार Driver और दूसरी सवारियों का बचना बेहद मुश्किल हो जाता था। अब कार में आ रहे Safety Features की वजह से बहुत हद तक बचाव संभव हो गया है। ऐसा ही एक Safety Feature है Airbag। हम आपको बता दें कि इन दिनों ज्यादातर Car Companies अपने वाहनों में यह Safety Feature दे रही हैं।

Air bags Car में कहाँ होते हैं –

Cars में यह Safety Feature किसी भी जगह लगा हो सकता है। जैसे कि Car का Steering wheel, Car का Dashboard, Car की या छत या सीट।

कैसे काम करता है यह Safety Feature –

Air bag एक ऐसा Safety Feature है, जो कार सवार के लिए कवच की तरह काम करता है। दरअसल, यह Airbag कॉटन का बना होता है और इस पर silicon की coating की जाती है। जब accident होता है तो यह फूल जाता है। और इसमें नाइट्रोजन गैस भर जाती है। किसी चीज के कार से टकराने की speed के according ही एयरबैग खुलता है। जब कार किसी चीज से टकराती है तो कार का एक्सिलेरोमीटर Circuit active हो जाता है।

यह Circuit एक electric current भेजता है, जिससे आगे लगा censor Airbag को एक Signal भेजता है। इस पर Airbag, जो कि बंद होता है, एक सेकंड से भी कम समय (करीब 1/20 सेकंड) में 320 किलोमीटर/घंटा की speed से फूल जाता है। सीधी टक्कर से Car सवार का बचाव करता है।

Airbag का Seat Belt से क्या सम्बन्ध है –

सरकार ने Seat Belt को बांधना कानूनी रूप से जरूरी बनाया है। आपको Car चलाते वक्त Seat Belt बांधनी ही होगी। वरना Traffic police आपका चालान कर देगी। दरअसल, यह कदम आपकी safety सुनिश्चित करने के लिए है। जिसका Airbag से भी सीधा संबंध है। आपको बता दें कि यह। Air bag तभी खुलेगा, जब आपने Seat Belt बांधी हुई हो। तमाम Car companies Airbag का trial भी Seat Belt के बंधे होने के साथ ही करती हैं।

Airbag को technical भाषा में क्या कहते हैं –

Car के Safety Feature इस Airbag को technical भाषा में कई नामों से पुकारा जाता है मसलन- supplementary restrain system या इसे air cushion restrain system भी कह सकते हैं। इसके अलावा इसे supplemental inflatable restrain system भी पुकारा जा सकता है।

Air bags कब बदलवाएं –

ज्यादातर यह होता है कि कार निर्माता यानी Car manufacturing companies Airbag को बदलवाने के लिए यानी उसके replacement के लिए एक समय सीमा तय कर देती हैं। आप भी इस समय सीमा में एयरबैग को बदलवा सकते हैं। अब आपके दिमाग में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर इन Airbags को कब बदलवाना चाहिए।

साथियों, यह Airbag के replacement का यह फैसला बहुत हद तक Airbag ignitor पर निर्भर करता है। अगर किसी भी वजह से Airbag खुल जाता है या उसे नुकसान पहुंचता है या वह क्षतिग्रस्त हो जाता है तो यह जरूरी है कि आप उसे किसी भी अधिकृत डीलर या workshop से ठीक करवा लें।

Air bags यूज़ करने में क्या सावधानी बरतें –

साथियों, अगर आपकी Car में भी यह Safety Featureहै तो कई सावधानी हैं, जो आपको बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं इनके बारे में –

1- यहां पर एक बात का और भी ध्यान रखें कि कभी भी child Seat को Airbag के सामने ना रखें। संभव हो तो 13 साल या उससे कम उम्र के बच्चों को आगे की Seat पर न बैठाएं। उन्हें हमेशा पीछे की सीट पर ही बैठाएं। ऐसा इसलिए, क्योंकि Airbag के खुलने की speed इतनी तेज होती है कि उसकी चोट से बच्चे गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।

2- एक बात और जो ध्यान रखने लायक है वो यह कि कभी भी आप Airbag वाली गाड़ियों के Dashboard पर पैर ना रखें। दरअसल, होता क्या है कि कई बार Driver की सीट के बगल में बैठा व्यक्ति dash board पर पैर रख कर बैठ जाता है। ऐसे में गाड़ी के किसी गड्ढे में जाने या मामूली टक्कर से भी sensor के active हो जाने और यह Airbag खुल जाने की आशंका रहती हैं। ऐसे में अगर किसी भी सवारी Airbag मतलब डैशबोर्ड पर पैर रखे हुए है तो उसको गहरी चोट आ सकती है। कई बार ऐसा भी हो चुका है कि इस वजह से सवारी के पैर तक टूट गए हैं।

3- अगर आप Airbag के Safety Feature वाली Car में बैठे हैं तो आपको एक और सावधानी यह भी बरतनी होगी कि आप स्टेयरिंग के बिल्कुल पास भी ना बैठें। ऐसा इसलिए, क्योंकि कुछ एयरबैग स्टेयरिंग wheel में भी लगाए जाते हैं। ऐसे में अगर वह उसके पास बैठकर ड्राइविंग करते हैं ऐसे में Airbags खुल जाने की वजह से उनको चोट लग सकती है।

4- यह सबसे अहम सावधानी है। आप अपनी Seat Belt बांधना किसी भी सूरत में ना भूलें। क्योंकि जैसा कि हम आपको ऊपर बता ही चुके हैं कि कई कारों में Seat Belt के साथ ही Airbag टेस्ट किया जाता है। अगर कार सवार ने Seat Belt नहीं पहनी है तो मुसीबत खड़ी हो सकती है।

5- कई बार Airbags जो हैं, वह सीटों में लगाए जाते हैं। सीटों के अंदर उनको लगाए जाने की वजह से सीट कवर डालने से उनके खुलने में दिक्कत होती है। लिहाजा, Seat covers लगाने से बचना चाहिए।

6- कार चलाते हुए कई लोग अपने सामने accessories भी रखते हैं। ऐसे में Airbag खुलने की स्थिति में उनके उड़ने से चोट लगने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो ऐसा न करें। सावधान रहें।

एक Car में कितने Airbag होते हैं –

अब ज्यादातर Luxury Cars में 8 Airbags तक होते हैं, जबकि entry level कारों में केवल एक ही Driving Seat का एयरबैग होता है। आपको लगे हाथ यह भी बता दें कि Car का Airbag का system Car की speed 20-25 किलोमीटर से अधिक होने की स्थिति में ही activate होता है। Censor हादसे की स्थिति को भांपते हुए Signal देना आरंभ कर देता है।

कैसे पता करें कि Airbag Active हैं या नहीं –

जब Air bag Car में लगाया जाता है तो उसके साथ एक dignostic system भी होता है। इसे, जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि SRS यानी supplementary restrain system भी पुकारा जाता है। जब गाड़ी को start किया जाता है तो मीटर में लगे SRS indicators जल उठते हैं। अगर यह engine start होने के बाद भी बंद नहीं होते तो इसका मतलब कि Airbags में कोई समस्या है। ऐसे में इसे तुरंत प्रभाव से check कराएं। वह भी किसी authorise dealer या workshop से ही।

कब से जरूरी किया गया है Safety Feature –

यूं तो तमाम Car companies अपनी Cars में तमाम जगह Safety Feature ला रही हैं। सभी सीटों पर Airbags ला रही हैं, लेकिन सरकार ने Driving Seat के लिए इस Safety Feature को mandatory कर दिया है। और ऐसा इसी साल किया गया है। सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 1 जुलाई, 2019 से इसे mandatory किया है। यहां तक कि इस Safety Feature के बगैर किसी कार का registration तक भी नहीं होगा।

पुराने वाहनों में नहीं होते हैं एयर बैग्स –

जैसे कि आपने पढ़ा। यह हैं, वह कुछ सावधानियां, जो आपको गाड़ी में Airbag का Safety Feature होने के चलते बरतनी चाहिए। साथियों, हम आपको यह बता दें कि कार कंपनियां तो सेफ्टी फीचर्स को लेकर सीरियस है ही, इसके अलावा सरकार भी इस दिशा में गंभीर कदम उठा रही है। वाहन सुरक्षा से जुड़े नियमों में वह लगातार बदलाव कर रही है। ऐसे में दिक्कत तो उन वाहनों को चलाने वालों के साथ ज्यादा है, जिनके वाहन पुराने हैं, क्योंकि उनमें Airbag जैसा Safety Feature न होने की वजह से किसी भी तरह के हादसे की स्थिति में बचाव की संभावना बेहद कम रह जाती है।

सबसे बड़ी बात यही है कि चाहे Car में कितने भी Safety Feature हों, लेकिन सावधानी के साथ गाड़ी चलाने का कोई विकल्प नहीं है। साथ ही Traffic नियमों का पालन भी जरूर करें। अगर आप अलर्ट होकर पूरी एहतियात बरतते हुए गाड़ी लेकर सड़क पर उतरें तो बेहतर है।

तो साथियों, यह थी Car के भीतर Airbags क्यों होते हैं? Air bags कैसे काम करते हैं? किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए? जैसे बिंदुओं पर आधारित पूरी जानकारी। उम्मीद है कि आपको यह post अवश्य पसंद आई होगी। यदि इस post को पढ़ने के बाद आपके दिल में भी कोई सवाल आ रहा है तो आप बगैर खटके पूछ सकते हैं। इस post से जुड़े आपके किसी भी तरह सवाल को आप यहां अपना comment करके पूछ सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके जहन में किसी भी तरह का कोई सुझाव यानी Suggestion है तो आप उसे हमारे साथ share कर सकते हैं।

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