[रजिस्ट्रेशन] बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी, Bihar Pravasi Yatra Panjikaran, Helpline Number

बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी पंजीकरण – रोजगार की तलाश में बिहार से हजारों श्रमिक दूसरे स्थानों पर गए थे। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से लॉकडाउन लगा दिया गया। ऐसे में बिहार के कई प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों में फंस गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जिन राज्यों में वह फंसे हैं, वहां की सरकारों से मदद की गुहार लगाई। गृह मंऋालय उनके लिए स्पेशल ट्रेनें चला रहे है। संबंधित राज्य भी उनकी जाने की व्यवस्था करा रहे हैं।

केरल से बिहार के करीब ढाई हजार लोगों को लेकर दो ट्रेनें दानापुर स्टेशन पहुंचीं। से वहीं, बिहार सरकार ने उनके लिए प्रवासी यात्रा पंजीकरण योजना शुरू की है। बिहार प्रवासी श्रमिक पंजीकरण की सुविधा दी गई है। यदि आप भी बिहार के प्रवासी मजदूर हैं और अपने घर वापस जाने की इच्छा रखते हैं तो आज हम आपको बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी के लिए आप किस तरह रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस प्रक्रिया की जानकारी देंगे। आइए शुरू करते हैैं-

[रजिस्ट्रेशन] बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी, Bihar Pravasi Yatra Panjikaran, Helpline Number

बिहार प्रवासी यात्रा पंजीकरण कैसे करें? How to register Bihar Migrant Workers?

दोस्तों, आप बिहार श्रम विभाग की वेबसाइट http://labour.bih.nic.in और बिहार सरकार की कोरोना वायरस को लेकर तैयार की गई वेबसाइट https://covid19.bihar.gov.in के जरिये बिहार प्रवासी यात्रा योजना और पंजीकरण से जुड़ी सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं। अब हम आपको बताएंगे कि इस पर अपना ब्योरा कैसे दर्ज किया जा सकता है। दोस्तों, इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है। आपको इसके लिए कुछ simple से steps follow करने होंगे, जो कि इस प्रकार से हैं-

  • सबसे पहले आपको ऊपर बताई गई वेबसाइट https://covid19.bihar.gov.in खोलनी होगी। आप यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट वेबसाइट पर जा सकतें हैं। इसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जाएगा।
  • यहां आपको प्रवासी यात्रा हेतु पंजीकरण का option दिखाई देगा। आपको इस पर click करना है।
  • इस पर click करते ही आपके सामने एक आवेदन फार्म खुल जाएगा। इस फार्म में आपको अपने संबंध में तमाम जानकारी भरनी होगी।
  • अपना पता, आधार कार्ड नंबर लिखना होगा। मूल पता भी दर्ज करना होगा।  मोबाइल नंबर सही सही भरना होगा।
  • अपने परिवार के सदस्यों की संख्या भी लिखनी होगी। जिस राज्य में फंसे हैं, वहां का पता लिखना होगा।

तो  इस  तरह चंद कदम उठाकर आपका ब्योरा संबंधित वेबसाइट पर दर्ज हो जाएगा।

बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी के लिए नोडल अधिकारी से सम्पर्क करें –

लेकिन दोस्तों, आपको एक जरूरी बात बता दें और वो ये कि अभी तक बिहार सरकार ने किसी वेबसाइट के जरिये श्रमिकों को सीधे पंजीकरण कर घर वापसी की सुविधा नहीं दी है। यदि बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी चाहते हैं तो उन्हें अपने दस्तावेज जैसे आधार कार्ड आदि तैयार रखने होंगे। संबंधित राज्यों में उनकी घर वापसी को तैनात नोडल अधिकारियों से संपर्क करना होगा। जैसा कि आप जानते ही हैं कि बिहार के श्रमिकों को संबंधित राज्यों में राहत कैंपों में रखा गया है। उनके भोजन, पानी के साथ ही स्वास्थ्य जांच की भी व्यवस्था की गई है।

इसके बावजूद कोरोना संक्रमण की आशंका और लाकडाउन की अवधि और बढ़ाए जाने की संभावना के बीच वह अपने घरों को लौटना चाहते हैं। यही वजह है कि जब विभिन्न स्थानों पर बाहरी मजदूरों के चिन्हीकरण का कार्य शुरू किया गया तो लाइन में लगने वाले मजदूरों की तादाद उन सबमें सबसे ज्यादा थी। वह निर्धारित समय से पूर्व ही लाइन में लग गए थे। कुछ तो अपने परिजनों के साथ लाइन में आकर खड़े हो गए थे। लाइन में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया। मजदूरों को एक एक मीटर की दूरी पर बनाए गोले में खड़ा होने को कहा गया।

नोडल अधिकारी के जरिए होगी बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी पंजीकरण –

दोस्तों, बिहार के श्रमिकों की घर वापसी नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क करके सारी जानकारी देने के बाद ही सुनिश्चित हो पाएगी। घर वापसी के लिए आपको संबंधित राज्य में इस कार्य के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी को call करना है। यानी आप जिस भी राज्य में हैं, वहां के नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर पर कॉल कर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बाहरी राज्यों में फंसे हुए श्रमिकों को नोडल अधिकारी को बताना होगा कि आप किस स्थान पर फंसे हुए हैं और कहां जाना चाहते हैं। नोडल अधिकारी अपने online form में आपकी सारी जानकारी भरकर आपके जाने की व्यवस्था करेंगे।

बिहार प्रवासी यात्रा पंजीकरण हेल्पलाइन नंबर – बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी हेल्पलाइन नंबर

साथियों, अब हम आपको बताएंगे कि बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी के तहत पंजीकरण कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या क्या हैं। दरअसल, दोस्तों, हम आपको बता चुके हैं कि बिहार प्रवासी यात्रा योजना के तहत आप सीधे अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकते। इसकी वजह यह है कि इसके तहत online registration नहीं हो रहे हैं। । विभिन्न राज्यों ने अपने नोडल अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं।

इनमें अधिकांश जैसा कि स्वाभाविक है कि प्रशासनिक अधिकारी हैं। करीब करीब सभी राज्यों में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जो प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजने के लिए सुविधा प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही, हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-

राज्य नोडल अधिकारी मोबाइल नंबर
दिल्ली हिमाचल प्रदेश पालिका सहानी आईएएस शैलेंद्र कुमार बी ए एस 9599823200, 9717691086
जम्मू कश्मीर लद्दाख शैलेंद्र कुमार बीए एस 9717691086
पंजाब मनजीत सिंह आईपीएस 9473191753
हरियाणा दिवेश सेहरा आईएएस 8544404189
राजस्थान प्रेम सिंह मीणा आईएएस 9473191456
गुजरात बी कार्तिकेय आईएएस 9810922727
उत्तराखंड विनोद सिंह आईएएस 9473191491
उत्तर प्रदेश विनोद सिंह आईएएस अनिमेष पराशर आईएएस 9473191491, 6203149319
मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ मयंक कुमार आईएएस 9473191429
उड़ीसा अनिरुद्ध कुमार आईएएस 9473197815
झारखंड चंद्रशेखर आईएएस 9661472483
वेस्ट बंगाल किम आईपीएस 7739811111
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम आनंद शर्मा आईपीएस 8135900400
आंध्र प्रदेश तेलंगाना एम रामाचंदरूडू आईएएस 7250687373

Bihar Covid-19 District Help Line Numbers – बिहार कोविद -19 जिला हेल्प लाइन नंबर

बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी, Bihar pravasi yatra panjikaran, helpline number

श्रमिक ट्रेन से पहुंचे हजारों, अभी भी फंसे हैं हजारों लोग –

दोस्तों, अन्य राज्यों से तो सरकारें इनकी वापसी की व्यवस्था करा ही रही हैं, बिहार सरकार ने भी कई स्थानों से श्रमिक ट्रेनें चलाई हैं। इसके अलावा दोस्तों, एक बड़ी संख्या ऐसे श्रमिकों की भी है, जो अपने परिचितों, रिश्तेदारों, मित्रों के जरिये भेजने की व्यवस्था करने को गुहार लगा रहे हैं। सैकड़ों लोगों को घरवापसी का पता भी नहीं। कई स्वयंसेवी संगठन हैं, जो इस कार्य में उनकी मदद कर रहे हैं। कई लोगों की घर वापसी संभव हो रही है, लेकिन अभी भी हजारों लोग फंसे हुए हैं।

बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी के लिए कोई भी करा सकता है पंजीकरण –

दोस्तों आपको यह जानकारी दे दें कि घरवापसी के लिए बिहार का कोई भी मजदूर, छात्र, श्रमिक या अन्य व्यक्ति अपना पंजीकरण करा सकता है। हम आपको ऊपर बता ही चुके हैं कि आप सीधे अपना online पंजीकरण नहीं करा सकते। आपको संबंधित राज्य के नोडल अधिकारी से संपर्क करना ही होगा। उन्हें अपने बारे में बताना है। अपना नाम लिखवाना है।

बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी के दौरान इन बातों का रखा जा रहा है ख्याल, जो जरूरी भी

  • बसों या ट्रेनों को सैनिटाइज किया जाएगा
  • श्रमिकों को अपने मुंह पर मास्क लगाना या मुंह को कवर करना अनिवार्य है
  • बसों या ट्रेनों में चढ़ते वक्त सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना होगा
  • वापसी पर पूरा करना होगा 14 दिन का क्वारंटीन पीरियड
  • जब तक क्वारंटीन पीरियड पूरा नहीं होगा, आपको परिवार से अलग रहना होगा
  • यह पीरियड पूरा करने के बाद ही परिवार के पास जाने की इजाजत होगी
  • यदि इस पीरियड के दौरान कोरोना के लक्षण सामने आए तो सभी स्वास्थ्य जांच की जाएंगी
  • आवश्यकता पड़ी तो श्रमिक के साथ ही उसके परिजनों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कर सैंपल जांच को भेजे जाएंगे

ट्रेनों में भिजवाने के लिए की जा रही यह व्यवस्थाएं

जिन राज्यों से बिहारी श्रमिकों की वापसी शुरू हुई है, वहां से बहुत मार्मिक दृश्य देख्नने को मिल रहे हैं। कई स्थानों पर तो श्रमिक स्वयं और अपने परिवारवालों के साथ घंटों पहले नियत स्थान तक पहुंच गए। उन्हें डर था कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उन्हें सीट न मिले। बसों में भरकर यह श्रमिक नियत जगह पहुंचाए गए। ट्रेनों में इन्हें भिजवाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। उन्हें भोजन के पैकेट दिए गए हैं। इसके साथ ही ट्रेनों को दिन में चलाया जा रहा है, ताकि बेडिंग की जरूरत न पड़े।

इसके साथ ही श्रमिकों को ले जा रही ट्रेनों में मिडिल बर्थ हटाई गई है, ताकि सीट पर बैठने वालों के बीच कुछ दूरी रह सके। रेलवे की ओर से देश भर से श्रमिकों की इस घरवापसी पर करीब सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया है।

बिहार के मजदूरों से किराया वसूलने पर सियासत –

दोस्तों, आपको बता दें की बिहार के मजदूरों के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेनों में उनसे किराया वसूलने के मामले पर सियासत भी खासी गर्म रही है। जैसा कि आप जानते हैं कि उनके लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेनें चलाई गई। महाराष्ट्र में इन मजदूरों से किराया वसूलने की बात सामने आई है। इसे लेकर हंगामा खड़ा हुआ तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों का किराया भरेगी, जबकि केंद्र की ओर से इसके लिए प्रावधान किया गया है 85:15 के अनुपात में भुगतान का इसका अर्थ यह है कि किराए का 85 फीसदी भुगतान केंद्र सरकार और 15 प्रतिशत भुगतान राज्य सरकार करेगी।

इसके बावजूद कई मजदूरों के हाथों में विशेष ट्रेनों के पूरे भुगतान के टिकट लिखे, जो इस बात का परिचायक है कि उन लोगों से मुफ्त किराए की बात कहने के बावजूद भी किराया वसूला गया है। इसको कोई भी उचित नहीं मान रहा है।

बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी से अन्य राज्यों के लिए मुसीबत

दोस्तों, आपको यह सुनकर बेशक अजीब लग रहा होगा लेकिन सच तो यही है कि बिहार के श्रमिकों और मजदूरों की घर वापसी बाकी राज्यों के लिए एक मुसीबत बन गई है। साथियों, जैसा कि आप जानते हैं कि लाक डाउन में ढील देते हुए सरकार ने कई राज्य में निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है। और यह एक कटु सत्य है कि इन राज्यों में ज्यादातर श्रम का कार्य बिहार के श्रमिक और मजदूर ही किया करते थे, जिसका प्रतिशत 80 फ़ीसदी तक माना जा सकता है।

ऐसे में निर्माण कार्यों में दिक्कत आनी शुरू हो गई है, जो कि देश की विभिन्न राज्य सरकारों के लिए सबसे बड़ी चिंता का सबब है। और दोस्तों इतना ही नहीं जो बिहार के मजदूर अपने अपने घरों को लौट रहे हैं, रोजगार संबंधी रोजी-रोटी संबंधी दिक्कतें वहां भी उनके सामने मुंह बाए खड़ी होंगी। जैसा कि सब जानते हैं कि एक वक्त रोजगार के लिए ही उन्होंने घर छोड़कर बाहरी राज्यों में पलायन किया था। ऐसे में बहुत सारी मुश्किलें हैं, जिनके हल बिहार की सरकार को ढूंढने होंगे।

तो साथियों, यह थी बिहार प्रवासी मजदूर घर वापसी, Bihar Pravasi Yatra Panjikaran, Helpline Number के संबंध में जानकारी। उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी। दोस्तों, यदि इस योजना के संबंध में आप कुछ अन्य जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। यदि किसी अन्य योजना के बारे में आप जानना चाहते हैं तो उस योजना का नाम हमें नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसी सुझाव का भी स्वागत है। आपकी प्रतिक्रियाएं हमारे अमूल्य हैं। ।।धन्यवाद।।

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