BC सखी योजना ऑनलाइन पंजीकरण, UP बैंकिंग सखी योजना, उद्देश्य, योग्यता

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा को अवसर में बदलने की बात कही थी। इस पर खरे उतरते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन की आपदा को अवसर में बदला है। उन्होंने बैंकिंग कारेस्पांडेय सखी योजना यानी BC सखी योजना शुरू करते हुए महिलाओं के लिए आमदनी का एक जरिया उपलब्ध कराया है। दोस्तों, आइए आज इस पोस्ट के जरिये हम आपको BC सखी योजना के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्रदान करने का प्रयास करेंगे। आपको बस ये post शुरू से आखिर तक ध्यान से पढ़ना है। आइए, शुरू करते हैं –

बैंकिंग कारेस्पांडेंट सखी योजना क्या है? What is Banking Correspondent Sakhi Scheme?

दोस्तों, आइए आपको बताते हैं कि यह बैंकिंग कारेस्पांडेंट सखी योजना क्या है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले यानी मई महीने की 22 तारीख को BC सखी योजना की घोषणा की थी। UP बैंकिंग सखी योजना के तहत जो व्यवस्था की गई है, उसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के गांवों की महिलाएं बैंकों की शाखाओं से जुड़कर पैसों का लेनदेन क्षेत्र में घर घर जाकर करवाएंगी। सारा लेन देन डिजिटल होगा। इससे लोगों की बैंक तक जाने की भाग दौड़ बचेगी।

योजना का नाम BC सखी योजना
किसके द्वारा शुरू की गयी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ जी के द्वारा
लॉन्च की तारीख 22 मई 2020 को
लाभार्थी राज्य की महिलाये
उद्देश्य रोजगार प्रदान करना

BC सखी योजना का उद्देश्य क्या है? What is the purpose of the BC Sakhi scheme?

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इस बैंकिंग कारेस्पांडेंट सखी योजना का उद्देश्य कोरोना संक्रमण को रोकने और लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के साथ ही महिलाओं को प्रत्येक माह एक निश्चित राशि का प्रावधान करना है। UP बैंकिंग सखी योजना के तहत गांव की महिलाएं अब डिजिटल डिवाइस के माध्यम से लोगों को घर पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा पाएंगी और पैसों का लेनदेन भी कर सकेंगी। दोस्तों, आपको बता दें कि घर पर रहने वाले और अधिक उम्र के लोगों को इस व्यवस्था से खास तौर पर सुविधा होगी। इसके अलावा बहुत सारे लोग ऐसे भी होते हैं, जो बैंक जाने और यहां से जुड़ी औपचारिकता को झंझट समझते हैं। ऐसे लोगों के लिए बैंकिंग सखी एक बेहतर कदम साबित होगा, यह माना जा सकता है।

BC सखी योजना के तहत महिलाओं को क्या भुगतान होगा – What will be paid to women under BC Sakhi scheme

बैकिंग कारेस्पांडेंट सखी को छह महीने तक चार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। बैंकों की आर से लेन देन की स्थिति में उन्हें कमीशन भी मिलेगा। छह महीने बाद उनकी इस कमीशन के माध्यम से कमाई सुनिश्चित हो जाएगी। खास तौर पर, जिन महिलाओं के पास इस वक्त कोई रोजगार नहीं, उन्हें इस आय से आर्थिक लाभ होगा। जिन महिलाओं के घरों में अन्य कमाने वाले सदस्य हैं, उनकी कमाई में वह भी अपना योगदान दे सकेंगी। और एक और सबसे बड़ी बात यह भी है, कि उनमें अपनी आमदनी का जरिया होने से आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी। जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और अपने सपने पूरे करने की दिशा में मददगार साबित होगा।

पहले चरण में कितनी बैंकिंग कारेस्पांडेंट्स सखी की भर्ती होगी – How many banking candidates will be recruited in the first phase

दोस्तों आइए अब आपको बताते हैं कि महत्वपूर्ण BC सखी योजना से कितनी महिलाओं को फायदा होने जा रहा है। जी हां, यह संख्या कोई आठ-दस हजार में नहीं है। आपको बता दें कि बैंकिंग कारेस्पांडेंट्स सखी योजना के पहले चरण में 58 हजार बैंकिंग कारेस्पांडेंट्स सखी की भर्ती किए जाने की योजना है। इतना ही नहीं दोस्तों, महिलाओं को डिवाइस के लिए भी 50 हजार रुपये भी दिए जाएंगे। खास बात यह है कि UP बैंकिंग सखी योजना की घोषणा के बाद से महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसकी वजह यह भी है कि उनके लिए आय का एक जरिया तो खुल ही रहा है। इसके साथ ही सेवा का कार्य भी वह इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से संपन्न कर सकेंगी।

BC सखी योजना के लिए कितने बजट का किया गया है प्रावधान – How much budget has been made for BC Sakhi scheme

अब बात आती है बजट की। तो हम आपको जानकारी दे दें कि हर सरकारी योजना की तरह इस बैंकिंग कारेस्पांडेंट सखी योजना के लिए भी सरकार ने बजट का प्रावधान किया है। और यह बजट कोई छोटा मोटा नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए में है। आपको बता दें दोस्तों कि UP बैंकिंग सखी योजना के तहत 430 रुपये करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी रुपए से डिवाइस, राशि भुगतान जैसी व्यवस्था की जाएगी।

अन्य लोगों को घर बैठे मिल सकेगी बैंकिंग की सुविधा

लॉकडाउन के चलते लोग बैंकिंग कार्य सुविधाजनक तरीके से नहीं कर पा रहे। बैंकों में भीड़ होने की वजह से लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन होने का भी खतरा है, जिससे कोरोना संक्रमण बढ् सकता है। ऐसे में इस स्थिति को दूर करने और महिलाओं के लिए भी आय का एक जरिया बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने UP बैंकिंग सखी योजना की घोषणा की है। इससे जहां महिलाएं घर बैठे आमदनी कर सकेंगी, वहीं लोगों को भी घर बैठे बैंकिंग कार्य संपूर्ण हो जाने की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। विशेषज्ञ UP बैंकिंग सखी योजना को महिलाओं के लिए बेहद कारगर मानते हैं।

उधर, बैंकिंग कार्य घर बैठे निपट जाने से वह लोग भी खुश होंगे, जो अधिक उम्र के हैं और कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल अपने घरों से बाहर निकलने में परहेज बरत रहे हैं। जैसा कि सरकार अपनी गाइडलाइन में पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस उम्र तक लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ ही 65 वर्ष से अधिक के लोगों के घर से बाहर निकलने पर रोक लगाई गई है।

बैकिंग कारेस्पांडेंट सखी बनने के लिए योग्यता क्या है? What is the qualification to become a BC Sakhi?

कई लोगों के मन में यह भ्रांति है कि बैंकिंग सखी कॉरस्पॉडेंट बनने के लिए बहुत पढ़ा लिखा होना या उच्च शिक्षित होना जरूरी है जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मित्रों, हम आपको बता दें कि बैंकिंग कारेस्पांडेंट सखी बनने के लिए महिलाओं के लिए बिल्कुल सामान्य योग्यता रखी गई है। हालांकि अभी आवेदन शुरू नहीं हो पाए हैं। ऐसे में हम आपको UP बैंकिंग सखी योजना के तहत योग्यता के लिए मोटी मोटी जानकारी देंगे। जैसे यह योग्यता निम्नवत होगी-

  • आवेदक महिला न्यूनतम 10वीं कक्षा पास हो।
  • आवेदक महिला को कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान हो
  • UP बैंकिंग सखी योजना के लिए उन महिलाओं का चयन किया जाएगा, जो बैंकिंग के काम काज को समझने के साथ ही लिख पढ़ भी सकती हों।
  • उनमें इलेक्ट्रानिक डिवाइस चलाने की समझ हो।

BC सखी योजना ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें? How to register the BC Sakhi scheme online?

UP बैंकिंग सखी योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यानी कि ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। समझ लीजिए कि आप यह फॉर्म तभी भर पाएंगी, जब आप निर्धारित योग्यता रखती हों। और दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि अभी BC सखी योजना से जुड़े आवेदन किए जाने शुरू नहीं हुए हैं। जैसे ही यह शुरू होंगे, हम आपको एक पोस्ट के माध्यम से उसकी मुलाकात जानकारी देंगे।

महिलाओं को योजना के तहत ट्रेनिंग भी दी जाएगी – Women will also be given training under the scheme

बैंकिंग सखी कॉरस्पॉडेंट सीधे ही काम शुरू नहीं कर सकेंगी। इसके लिए उनको पहले करीब सप्ताह भर की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उनका एक संक्षिप्त परीक्षण यानी टेस्ट भी किया जाएगा। यह जाना जाएगा कि उनको इस कार्य प्रणाली के संबंध में पूरी जानकारी हो भी पाई है या नहीं। आपको बता दें कि चुनी गईं महिलाओं को एक निर्धारित यूनिफार्म, बीसी सखी कारेस्पांडेंट सर्टिफिकेट और एक आईडी कार्ड यानी परिचय पत्र भी जारी किया जाता है।

मोबाइल एप भी डाउनलोड कराया जाएगा – Mobile app will also be downloaded

साथियों, आपको बता दें कि इस बैंकिंग कारेस्पांडेंट सखी योजना के तहत काम करने वाली महिलाओं को एक मोबाइल एप डाउनलोड जाएगा। इससे वह फीड में किए गए कार्यों की रिपोर्टिंग करती हैं। उनके कार्य मुख्य रूप से यह होते हैं-बैंक खाते में जमा, बैंक खाते से निकासी, लोन, स्वयं सहायता समूह की सदस्यों की सेवाएं, लोन रिकवरी, जन धन योजना के कार्य।

बैंकिंग कारेस्पांडेंट्स योजना पहले से चल रही

दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि बैंक काफी समय से बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट योजना चला रहे हैं। इसके तहत तहसील क्षेत्रों में, वार्डों में छोटे-छोटे एजेंट्स नियुक्त किए गए हैं। स्थानीय लेन देन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने में और लोगों को बैंकिंग से जोड़ने में यह एजेंट्स बहुत मददगार साबित हुए हैं। UP बैंकिंग सखी योजना से दो फायदे हुए। जहां कुछ लोगों को रोजगार मिला, वहीं बैंकों को भी बिजनेस से जुड़े लाभ हुए हैं। दोस्तों, कहना न होगा कि बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट सखी योजना का जो आईडिया है वह यहीं से लिया गया है। बस इसमें विशेष तौर पर महिलाओं को कारेस्पांडेंट बनाने की व्यवस्था की गई है।

UP बैंकिंग सखी योजना से होंगे कई तरह के फायदे – There will be many benefits from this scheme

मित्रों, आपको बता दें कि गांव में महिलाओं की स्थिति कोई बहुत बेहतर नहीं है। शिक्षा की स्थिति देखें तो वह भी बहुत अच्छी नहीं है। अमूमन 10वीं 12वीं के बाद महिलाओं का विवाह कर दिया जाता है। दरअसल, बहुत स्थानों पर अभी भी उच्च शिक्षा के लिए गांव से दूर जाना पड़ता है और बालिकाओं, महिलाओं को घर से बहुत दूर भेजने के लिए कोई तैयार नहीं होता। और कई जगह तो अभी तक भी पर्दा प्रथा लागू है यानी कि परिवार के बड़े बुजुर्गों के आगे महिलाओं को परदे में रहना पड़ता है।

घूंघट डालना पड़ता है। और यदि आर्थिक हालात की बात करें तो हालात और भी ज्यादा खराब हैं। ज्यादातर परिवार खेतों से जुड़े हैं। आय का मुख्य जरिया मुखिया पर निर्भर है। ऐसे में महिलाओं की आय से परिवार की कुल आय में बढ़ोतरी होगी। UP बैंकिंग सखी योजना से उन्हें समुचित जीवन यापन में बहुत सुविधा होगी।

बैंकों के स्टाफ पर बोझ कम होगा – 

साथियों, आपको बता दें कि UP बैंकिंग सखी योजना से महिलाओं को ही नहीं, बल्कि बैंक को भी फायदा होगा। उसके स्टाफ पर काम का बोझ कम होगा। दूसरे ग्राहकों का लेनदेन घर बैठे संपन्न हो सकेगा। जिससे कि बैंक में भीड़ कम रहेगी। अभी बैंकों में अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लागू हैं। जो लोग काम कराने के लिए बैंकों का रुख कर भी रहे हैं, उनका काम भी देरी से हो पा रहा है। UP बैंकिंग सखी योजना से महिलाओं को रोजगार में सबसे बड़ी बात तो यह है ही, जिसका जिक्र हम ऊपर कर चुके हैं।

तो दोस्तों, यह थी बैंकिंग कारेस्पांडेंट सखी योजना के बारे में जानकारी। उम्मीद है कि आपके लिए यह जानकारी लाभप्रद रही होगी। यदि आप हमसे किसी अन्य योजना के संबंध में जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके भेज सकते हैं। यदि आप हम तक अपना कोई सुझाव पहुंचाना चाहते हैं तो उसके लिए भी आपको कमेंट के जरिये अपनी बात कहनी होगी। दोस्तों, हमें हमेशा की तरह आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार है। धन्यवाद

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अनुक्रम

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