इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना आनलाइन आवेदन, उद्देश्य, पात्रता

देश में बालिकाओं की शिक्षा पर अब ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन अभी भी बहुत से राज्य ऐसे हैं, जहां उनकी स्थिति बहुत बेहतर नहीं। ग्रामीण इलाकों में खास तौर पर अभी भी बालिका का बोझ समझा जाता है। उनकी शिक्षा को ही गैर जरूरी समझा जाता है, ऐसे में उच्च शिक्षा तो दूर की कौड़ी है। सरकार यह स्थिति बदलने का भरसक प्रयास कर रही है। उसने बालिका शिक्षा को लेकर कई योजनाएं भी चलाई हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से भी उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है।

आज हम आपको इसी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। मसलन-यह योजना क्या है? इस योजना का उद्देश्य क्या है? इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता क्या निर्धारित की गई है और इसके लिए आनलाइन आवेदन कैसे किया जा सकता है? आइए शुरू करते हैं-

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना क्या है?

मित्रों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी की ओर से इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। यह योजना सिंगल गर्ल चाइल्ड (single girl child) यानी इकलौती पुत्री के लिए चलाई गई है। इस योजना का मकसद बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत बालिका के अभिभावक को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वह अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सके।

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना आनलाइन आवेदन, उद्देश्य, पात्रता

जैसा कि हम स्पष्ट कर चुके हैं कि यह योजना केवल सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए है, ऐसे में इसका लाभ केवल वही माता पिता उठा पाएंगे, जिनकी केवल एक बेटी है। छात्रवृत्ति की राशि के रूप में लाभार्थी को 3100 रूपये राशि दी जाएगी।

योजना का नाम इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना
लाभार्थी परिवार की इकलौती बेटी
लाभ ₹100 की छात्रवृत्ति राशि
उद्देश्यबेटियों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करना
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता/शर्तें

दोस्तों, अभी हमने आपको इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना की आधारभूत जानकारी दी। लेकिन यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको कुछ पात्रता रखनी आवश्यक होगी। अब हम आपको बताएंगे कि यदि आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको किन शर्तों को पूरा करना होगा। आइए शुरू करते हैं–

  • योजना का लाभ लेने की सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक को माता-पिता की इकलौती संतान होना आवश्यक है। इसका अर्थ यह है कि उसका कोई भाई या बहन न हो।
  • जुड़वां बच्चे भी इस योजना के तहत आवेदन के पात्र होंगे।
  • यदि परिवार में एक बेटा और एक बेटी है तो बेटी को इस छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल सकेगा।
  • केवल पीजी कोर्स में दाखिले की इच्छुक छात्राओं को ही इस इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलेगा।
  • आवेदन के वक्त आवेदक की उम्र 30 साल से कम होनी चाहिए।
  • नियमित या पूर्णकालिक पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाली छात्राएं ही इस योजना का लाभ उठा सकेंगी।
  • मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या पीजी काॅलेज में दाखिले पर ही योजना का लाभ मिलेगा।
  • दूरस्थ शिक्षा यानी काॅरेस्पांडेंस कोर्स करने वाली छात्राएं इस छात्रवृत्ति की हकदार नहीं होंगी।

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इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज –

साथियों, इस इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए कुछ कागजात आवश्यक हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-

  • मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कालेज में पीजी प्रथम वर्ष में प्रवेश का प्रमाण पत्र
  • आवेदक का पहचान पत्र जैसा आधार कार्ड आदि।
  • आवेदक का निवास प्रमाण पत्र।
  • आय प्रमाण पत्र आवेदक के पिता का ।
  • आवेदक के पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
  • आवेदक की बैंक पासबुक की प्रति और खाता संख्या के साथ ही आईएफएससी कोड की जानकारी।
  • स्नातक की उत्तीर्ण की माक्र्सशीट।
  • आवेदक का जन्म प्रमाण पत्र।
  • एसडीएम/प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या राजपत्रित अधिकारी की ओर से प्रमाणित शपथ पत्र।

दोस्तों, यह भी याद रखें कि यदि मांगे गए दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करने या संलग्न करने से आप वंचित रहते हैं तो इस छात्रवृत्ति का भी लाभ आप नहीं ले सकेंगे।

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

साथियों, आपको बता दें कि इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन केवल आॅनलाइन किए जा सकते हैं। इसकी आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार से है-

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  • वेबसाइट का होम पेज खुलने के बाद आपको यूजीसी स्कीम्स के सेक्शन में इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इतना करने के बाद आपको यहां दिए गए apply के option पर click करना होगा।
  • दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार आपको आवेदन पत्र को भरना होगा।
  • आवेदन पत्र भरने के बाद submit के option पर click कर दें।
  • यदि आप नए user हैं तो आपको पहले new registration के option पर click करना होगा।
  • यदि आप पहले से registered हैं तो login पर click करके अपना आवेदन पत्र भर सकते हैं।

तो मित्रों, आपने देखा कि यह प्रक्रिया कितनी आसान सी है। आवेदन करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि दिशा निर्देशों को अच्छी तरह से पढ़ लें और उसी के अनुसार आवेदन पत्र भरें। आपकी जरा सी चूक आपको छात्रवृत्ति का लाभ लेने से वंचित कर सकती है, यह ध्यान में रखें। साथ ही आवश्यक दस्तावेजों को भी आवश्यकतानुसार upload कर दें।

आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आपके दस्तावेजों का सत्यान होगा और इसके पश्चात यदि आप छात्रवृत्ति की सभी पात्रताएं पूरी करते हैं तो आपकी छात्रवृत्ति के आवेदन को मंजूर कर लिया जाएगा।

गैर प्रोफेशनल कोर्स के लिए ही मिलेगी छात्रवृत्ति –

दोस्तों, जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि पीजी कोर्स पूरा करने के लिए बालिकाओं को वित्तीय सहायता की सहूलियत दी जा रही है। ऐसे में यह भी स्पष्ट कर दंे कि यह छात्रवृत्ति केवल गैर प्रोफेशनल कोर्स के लिए ही मिलेगी। उच्च शिक्षा में छा़त्राओं का प्रतिशत बढ़ाने के लिए और विषय विशेषज्ञ पैदा करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

पिछले कुछ समय से देखने में यह भी आया है कि बच्चों को पैर पर खड़ा करने के उद्देश्य से उन्हें व्यावसायिक शिक्षा दिलाने की ओर माता पिता का रूझान अधिक रहता है। वह परंपरागत शिक्षा पर पैसा खर्च करने से बचते हैं। शिक्षा इस प्रकार की हो गई है कि केवल डिग्री के आधार पर किसी तरह का रोजगार हासिल करना बेहद टेढ़ी खीर है। ऐसे में मां बाप बेटी को उच्च शिक्षित बनाने की जगह उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए पढ़ाने पर अधिक जोर देते हैं। यह निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन उच्च शिक्षा की ओर से बालिकाओं को प्रवृत्त किया जाना भी बेहद आवश्यक है।

इसीलिए स्थिति को भांपते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से यह योजना चलाई जा रही है, ताकि छात्राएं आगे पढ़ने की ओर प्रवृत्त हों और उनके माता पिता पर इसका वित्तीय बोझ भी न पड़े, ताकि वह उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें। बालिकाओं की प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा की स्थिति सुधरी, उच्च शिक्षा की नहीं।

दोस्तों, आपको बता दें कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी right to education (RTE) लागू होने के बाद प्राथमिक और माध्यमिक शि क्षा में तो बालिकाओं की स्थिति सुधरी है, लेकिन उच्च शिक्षा में आज भी बालिकाओं का नामांकन बेहद कम है। खास तौर से अनुसूचित जाति और जनजाति की बालिकाओं की बात करें तो वे अपने वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग से ताल्लुक रखने वाले छात्रों से बेहद पीछे हैं। अधिकांश पढ़ाई पूरी किए बगैर घर बैठ जाती हैं।

दलित बालिकाओं में शिक्षा के सभी स्तरों पर बालिकाओं के drop out का रेट बहुत अधिक है। देश में उच्च शिक्षा में छात्राओं की स्थिति कोई बहुत बेहतर नहीं और यह हाल तब है, जबकि भारत का उच्च शिक्षा सिस्टम, अमेरिका और चीन के बाद संसार का तीसरा सबसे बड़ा सिस्टम है।

बीते 70 साल में जहां विद्यार्थियों की तादाद में 60 फीसदी का इजाफा हुआ है, वहीं शिक्षकों की संख्या में 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। विश्वविद्यालयों की संख्या में केवल 11.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है तो वहीं कालेजों की संख्या 12.5 प्रतिशत बढ़ी है। इससे सहज ही समझा जा सकता है कि जब सामान्य उच्च शिक्षा का यह हाल है तो बालिका शिक्षा का क्या हाल होगा।

कई जगह बढ़ रहे अपराध भी लड़कियों की उच्च शिक्षा में बाधक हैं

मित्रों, आज की यह पोस्ट बालिकाओं में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना पर आधारित है। कई जगहों पर युवतियों के प्रति बढ़ते अपराध भी उनकी उच्च शिक्षा की राह में बाधा बने हुए हैं। आपको बता दें कि देश के कई राज्यों में अपराध का ग्राफ निरंतर उंचा हो रहा है। बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कई इलाके ऐसे हैं, जहां लोग किसी तरह के अपराध के डर से अपनी बेटियों को घर से बाहर भेजने में झिझकते हैं।

ऐसे में छात्रवृत्ति का प्रावधान होने के बावजूद माता पिता बेटी को स्कूल, कालेज भेजने से घबराते हैं। स्कूल, काॅलेज जाते समय उसके साथ कोई हादसा न हो जाए, यह सोच माता पिता के मन को डराती है। वे जल्द से जल्द बेटी के हाथ पीले कर उसे ससुराल विदा कर देना ही श्रेयस्कर समझते हैं। उन्हें बेटी की पढ़ाई की नहीं, बल्कि बेटी की मायके से सही सलामत ससुराल विदाई की चिंता सताती है।

ऐसे में निचली कक्षाएं तो लड़कियां फिर भी भाई के साथ पढ़ जाती हैं, लेकिन उनकी उच्च शिक्षा को लेकर किसी तरह का रूझान नहीं दिखता। कई स्थानों पर वित्तीय कारण भी एक बड़ी वजह होते हैं। ऐसे में मां बाप बेटे की शिक्षा पर जोर भले ही दें, लेकिन लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान नहीं देते। बेटी अकेली हो तो भी मां बाप उसकी शिक्षा को लेकर कोई बहुत रूचि नहीं दिखाते। यहां भी उनका रवैया एक जैसा ही रहता है।

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना से संबंधित प्रश्न उत्तर

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना क्या हैं?

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना केंद्र सरकार के द्वारा देश की बालिकाओं के लिए पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए और आर्थिक सहायता के रूप छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

क्या इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना का लाभ सभी बालिकाओ को मिलेगा?

जी नही इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना का लाभ देश के सिर्फ उन परिवारों की बेटियों को दिया जाएगा। जिस परिवार में सिर्फ एक बेटी हैं। मतलब कि इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति सिर्फ उन बेटी को दी जाएगी जो अपने परिवार में माता – पिता की बिल्कुल अकेली बेटी है।

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कितनी छात्रवृत्ति दी जाएगी?

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत बेटी को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार की तरफ से ₹3100 की आर्थिक सहायता राशि छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अगर आप छात्रवृत्ति प्राप्त करना चाहती हैं और आपके पास ऊपर दिए गए सभी जरूरी दस्तावेज है तो आप www.ugc.ac.in वेबसाइट पर जाकर अपनााा आवेदन कर सकते हैं न

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना पात्रता होनी चाहिए?

इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना आ लाभ लेने के लिए बेटी की उम्र 30 से अधिक नही होनी चाहिए और आवेदन करने वाली बालिका सिंगल गर्ल चाइल्ड मतलब की अपने माता – पिता की इकलौती बेटी होनी चाहिए।

अंतिम शब्द –

साथियों, शिक्षा का संबंध सोच से भी है। समाज में बेटी को पराये धन की संज्ञा दी जाती है। ऐसे में बेटी की शिक्षा पर अधिक खर्च करने में मां बाप हिचकते हैं। उन्हें लगता है कि वह उनकी उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे, इससे अच्छा वे उसकी शादी में खर्च कर देंगे। गड़बड़ी यहीं से शुरू हो जाती है। मां बाप यह नहीं समझते कि शिक्षा वक्त आने पर बेटी को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। उन्हें लगता है कि बेटी को अच्छा घर वर मिल जाए, बस यही उसके सुखद भविष्य की गारंटी है।

जबकि हर केस में यह बात सटीक नहीं बैठती। बहुत से स्थानों पर विवाह के पश्चात भी उनकी बेटी को परेशान रहना पड़ता है। इसकी एक वजह यह भी होती है कि बेटी आत्मनिर्भर नहीं होती, उच्च शिक्षित नहीं होती। केंद्र सरकार बेटियों की शिक्षा के लिए कई कदम उठा रही है, लेकिन यह भी एक कड़वा सच है कि ये कदम नाकाफी है।

ऐसे में बेटी को उच्च शिक्षित बनाने के लिए इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना जैसे कदम वाकई लाभकारी हैं। कम से कम बेटी को पढ़ाने में मां बाप के वित्तीय हालात तो आड़े नहीं ही आएंगे। स्नातक के बाद बेटी पीजी कोर्स में दाखिले के लिए उद्यत होगी। बेटी उच्च शिक्षित होगी तो शिक्षा के प्रति भविष्य में अपने परिवार के विचार भी बदल सकेगी यह मानकर चला जा सकता है।

दोस्तों, यह थी इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योेजना के संबंध में जानकारी। यदि आप किसी अन्य योजना के संबंध में हमसे जानकारी चाहते हैं तो आप नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट कर सकते हैं। आपकी सधी हुई प्रतिक्रियाओं और सुझावों का हमें हमेशा की तरह इंतजार रहेगा।।।धन्यवाद।।

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