आंगनबाड़ी कंप्लेंट टोल फ्री नंबर 2022 | आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत कैसे करें?

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यह तो हर कोई जानता है कि गर्भवती महिला एवं नवजात शिशुओं को देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। उचित देखभाल न मिलने से बहुत से शिशु एवं माताएं काल के गाल में समा जाते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने आंगनबाड़ी योजना (anganbadi scheme) शुरू की थीं।

वर्तमान में छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी के माध्यम से ऐसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जो उनके स्वास्थ्य एवं पोषण (health and nutrition) के लिए बेहद आवश्यक हैं, लेकिन कई बार इन योजनाओं में गड़बड़ी एवं अनियमितता की शिकायत मिलती है।

कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ठीक से काम न करने की शिकायत मिलती है। लोग नहीं जानते कि आंगनबाड़ी की शिकायत कैसे की जा सकती है। इनसे संबंधित टोल फ्री कंप्लेंट नंबर (toll free complaint number) क्या है। यदि आप भी इस बारे में अधिक नहीं जानते तो आज चिंता न करें। आज इस पोस्ट में हम आपको इसी संबंध में विस्तार से जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं

आंगनबाड़ी क्या है? (What is Anganbadi?)

दोस्तों, सबसे पहले आंगनबाड़ी के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि भारत में इस योजना को 2 अक्तूबर, 1975 को लांच किया गया था। इसे मां और बच्चे के देखभाल केंद्र अथवा चाइल्ड एवं मदर केयर सेंटर (child and mother care center) के तौर पर स्थापित किया गया था।

वर्तमान में यह मां एवं बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी देखभाल प्रदान करती है। इसके माध्यम से सरकार सभी तरह की गर्भवर्ती महिलाओं एवं छह वर्ष तक के बच्चों के पौष्टिक भोजन (nutritious food), शिक्षा (education), स्वास्थ्य (health), जांच (test) एवं प्रतिरक्षण यानी टीकाकरण (vaccination) संबंधी व्यवस्था करती है।

आंगनबाड़ी कंप्लेंट टोल फ्री नंबर | आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत कैसे करें?

यह योजना सरकार की समेकित बाल विकास योजना (Integrated child development scheme) के अंतर्गत आती है। इसका संचालन केंद्र का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (ministry of women and child development) करता है। आपको बता दें दोस्तों कि 2005-06 से पूर्व महिलाओं एवं बच्चों को अतिरिक्त पोषण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की थी। केंद्र केवल प्रशासनिक खर्चों (administrative expenses) का जिम्मा उठाता था।

लेकिन 2009-10 से इस योजना का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार (Central Government) एवं 10 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार (state government) वहन करती है।

कई बार इस बजट (budget) के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों में खतो किताबत भी चलती है। अब आंगनबाड़ी बच्चों को बेसिक स्वास्थ्य सुविधाओं (basic health facilities) के साथ ही बचें को प्री स्कूल शिक्षा (pre school education) भी उपलब्ध कराती हैं।

आंगनबाड़ी 2022 का क्या उद्देश्य है? (What is the objective of anganbadi -2022)

आइए, मित्रों, अब आपको आंगनबाड़ी 2022 के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दे दें। इसके उद्देश्य इस प्रकार से हैं-

  • रोग, कुपोषण एवं मृत्यु दर को कम करना।
  • शून्य से लेकर 6 साल तक के बच्चों की पोषण एवं स्वास्थ्य स्थिति में सुधार।
  • बच्चे के शारीरिक एवं सामाजिक विकास की बुनियाद मजबूत करना।
  • मां के स्वास्थ्य की देखभाल एवं उसे उचित पोषण संबंधी जानकारी देना।
  • बाल विकास को बढ़ावा।

आंगनबाड़ी केंद्रों में कौन कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं? (What facilities are given in Anganbadi centres?)

1. पूरक पोषाहार (complimentary food):

  • लाभार्थ गेहूं चावल चना (किलो में)
  • छह माह से छह वर्ष तक के बच्चे–1.25 1.25 2
  • किशोरियां व गर्भवती/धात्री महिलाएं–1.5 1.5 3
  • छह माह से छह वर्ष तक के कुपोषित 2 1.5 3

2. प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (preliminary childhood education):

  • 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी में प्रवेश/शाला पूर्व शिक्षा।
  • अमावस्या पर प्रतिमाह अभिभावकों के संग बैठक।

3. पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा (nutrition and health education):

  • 15 से लेकर 45 वर्ष तक की महिलाओं का पोषण।
  • उन्हें उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना।

4. टीकाकरण (vaccination):

  • शून्य से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए बीसीजी (BCG), ओपीवी (opv), डीपीटी (dpt) एवं टिटनेस (titnus) के टीके।
  • गर्भवती महिलाओं को आयरन (iron) की टेबलेट।

5. स्वास्थ्य जांच (health test):

  • शून्य से लेकर 6 वर्ष तक के बच्चों, किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती/धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य जांच।
  • प्रत्येक माह मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर कार्यक्रम।

6. रेफरल सेवाएं (referral services):

  • शून्य से लेकर 6 वर्ष तक के बीमार एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान हायर सेंटर (higher center) रेफर करना।
  • खतरे के लक्षण वाली गर्भवती महिलाओं के लक्षण पहचानकर पीएचसी (PHC), सीएचसी (CHC) को रेफर करना।

यूपी आंगनबाड़ी कंप्लेंट टोल फ्री नंबर क्या है? (What is the anganbadi complaint toll free number?)

मित्रों, अब हम आपको बताएंगे कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से संबंधित आंगनबाड़ी कंप्लेंट टोल फ्री नंबर क्या है? दोस्तों, यदि आप उत्तर प्रदेश यानी यूपी के निवासी हैं तो यह नंबर है 18001805555।

आप उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) की राजधानी लखनऊ (lucknow) स्थित कॉल सेंटर (call centre) के इस नंबर पर न केवल आंगनबाड़ी से संबंधित जानकारी ले पाएंगे बल्कि अपनी समस्याएं भी बता पाएंगे।

आपको जानकारी दे दें कि यह काल सेंटर चलाने का जिम्मा साईं फ्यूचर इंडिया कंपनी (sai future india company) के पास है। उसके पास इसका ठेका है। इस सेंटर में कुल 40 एक्जीक्यूटिव्स। (Executives) यानी प्रतिनिधि काम कर रहे हैं, जो यहां काल करने वाले लाभार्थियों को जानकारी देंगे साथ ही पोषाहार से संबंधित सवालों के जवाब देंगे। यदि कोई शिकायत/समस्या (complaint/problem) होगी तो उसे भी नोट करेंगे।

टोल फ्री नंबर पर कैसी शिकायतें की जा सकती हैं? (What type of complaints can be done at toll free number?)

मित्रों, अब हम आपको जानकारी देंगे कि इस नंबर पर कॉल करके लाभार्थी पोषण अभियान, पोषाहार एवं टेक होम राशन (take home ration) से जुड़ी जानकारी लेने के साथ ही किस प्रकार की शिकायत कर सकते हैं। इनका ब्योरा इस प्रकार से है-

  • पोषाहार समय से प्राप्त न होना।
  • पौष्टिक आहार (nutritious diet) मात्रा से कम मिलना अथवा बिल्कुल वितरण (distribution) न होना।
  • पोषाहार को अधिकारियों की मिलीभगत से बाहर बेच दिया जाना।
  • बच्चों अथवा गर्भवती महिलाओं (pregnant women) के टीकाकरण (vaccination) में लापरवाही।
  • बच्चों अथवा महिलाओं की देखभाल ठीक से न होना।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के व्यवहार एवं लापरवाही से संबंधित शिकायत।

मध्य प्रदेश में शिकायत के लिए कौन सा व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है? (Which WhatsApp number has been issued in MP for complaint?)

यदि आप मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के निवासी हैं तो आंगनबाड़ी से जुड़ी शिकायत (complaint) अपने व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से भी कर सकते हैं। वहां महिला एवं बाल विकास मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है। यह नंबर है- 8305272254।

शिकायत के आधार पर संबंधित आंगनबाड़ी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। व्हाट्सएप के जरिए लाभार्थी आंगनबाड़ी में हो रही किसी भी प्रकार की गड़बड़ी अथवा अनियमितता की भी शिकायत आराम से कर सकते हैं।

राजस्थान में आंगनबाड़ी के खिलाफ अपनी शिकायत किस नंबर पर करें? (On which number complaint against anganbadi can be done in rajasthan?)

यदि आप राजस्थान (Rajasthan) के रहने वाले हैं तो अपनी शिकायत किस नंबर पर करें? अब आपको इसकी जानकारी देते हैं। यह नंबर है-181। आप अपनी शिकायत contact.rajasthan.gov.in पर भी कर सकते हैं। यदि आप चाहें तो महिला एवं बाल विकास कार्यालय (office of women and child development) में संपर्क करके भी अपनी शिकायत दर्ज (complaint file) करा सकते हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति किस आधार पर होती है? (On which basis anganbadi workers are appointed?)

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (anganbadi workers) की नियुक्ति अस्थाई आधार (temporary basis) पर होती है। प्रत्येक 25 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक पर्यवेक्षक (supervisor) की नियुक्ति की जाती है, जो उनकी गतिविधियों की मानिटरिंग (monitoring) करती है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति अस्थाई आधार (temporary basis) पर होने की वजह से इनके लिए कोई अधिकतम उम्र भी निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को बतौर कार्यकर्ता नियुक्त किए जाने में प्राथमिकता दी जाती है। आंगनबाड़ी उसी महिला को बनाया जाता है, जो संबंधित वार्ड की ही निवासी हो।

देश में कितने आंगनबाड़ी केंद्र हैं? (In our country how many anganbadi Centres are there?)

अब आते हैं आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या पर। आपको बता दें दोस्तों कि वर्तमान में भारत में 13 लाख से भी अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यदि यह कहा जाए कि शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण की चिंता बहुत हद तक दूर हुई है, तो इसके पीछे आंगनबाड़ी केंद्रों का योगदान अवश्य माना जाना चाहिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ऊपर बहुत ही जिम्मेदारी भरा कार्य होता है। इसी को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से उन्हें स्थाई किए जाने की मांग (demand) भी समय समय (time to time) पर की जाती रही है।

आंगनबाड़ी योजना को कब लांच किया गया?

आंगनबाड़ी योजना को तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा 2 अक्तूबर, 1975 को लांच किया गया था।

आंगनबाड़ी योजना क्या है?

इस योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं की देखभाल के पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा योजनाएं लागू की गई थीं।

आंगनबाड़ी केंद्रों को आरंभ करने का क्या उद्देश्य था?

आंगनबाड़ी केंद्रों को आरंभ करने का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं को उचित स्वास्थ्य देखभाल एवं पोषण प्रदान करना था।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति किस आधार पर होती है?

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति अस्थाई आधार पर होती है।

आंगनबाड़ी योजना से संबंधित शिकायत किस नंबर पर की जा सकती है?

इन नंबरों के बारे में हमने आपको ऊपर पोस्ट में विस्तार से जानकारी दी है। आप वहां से पढ़ सकते हैं।

आंगनबाड़ी के संबंध में किस प्रकार की शिकायत की जा सकती है?

आंगनबाड़ी के संबंध में पोषाहार न मिलने, उचित मात्रा में न मिलने, समय से न मिलने, बच्चों का टीकाकरण न होने, टीकाकरण में लापरवाही होने जैसी शिकायतें की जा सकती हैं।

कितनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पर्यवेक्षक की नियुक्ति होती है?

25 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाती हैं।

वर्तमान में देश में कितने आंगनबाड़ी केंद्र हैं?

वर्तमान में हमारे भारत में कुल 13 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं।

आंगनबाड़ी योजना का कितना हिस्सा केंद्र व कितना राज्य सरकार देती है?

आंगनबाड़ी योजना का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देती है, जबकि इस योजना का 10 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार देती है।

दोस्तों, हमने आपको इस पोस्ट (post) में आंगनबाड़ी कंप्लेंट नंबर की जानकारी दी। यदि आपको भी आंगनबाड़ी से संबंधित कोई शिकायत है तो आप इस नंबर पर संपर्क कर अपनी शिकायत नोट करा सकते हैं। यह पोस्ट आपको कैसी लगी हमें आप नीचे दिए गए कमेंट बाक्स (comment box) में कमेंट (comment) करके बता सकते हैं। आपकी प्रतिक्रियाओं एवं सुझावों का हमें इंतजार है। ।।धन्यवाद।।

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4 thoughts on “आंगनबाड़ी कंप्लेंट टोल फ्री नंबर 2022 | आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत कैसे करें?”

  1. आंगनबाड़ी संख्या 1 मकोड़ी
    कार्यकर्ता प्रेमलता गॉड किसी ही बच्चे को पोशाक पोषाहार कुछ भी नहीं दिया जाता है बोलने पर पोषाहार आना बंद हो गया है इस बार-बार मांगने पर गाली गलौज देना किसी हीकिसी भी आदमी को दे नहीं पा रही है पोषाहार की गाड़ी आती है तब आपके घर पर पोषाहार खाली करा लेते हे मेरी बच्ची का 1 साल का पोषण अभी तक मेरे को नहीं दिया है हमारे गांव में ऐसे कई महिला है उसको कुछ भी नहीं दिया जाता है बोलने पर बोलती है पोषाहार पीछे से आना बंद हो गया है इसलिए मैं नहीं देती हूं आंगनबाड़ी के अंदर पोषाहार रखती ही नहीं है अपने घर से ही गाड़ी वाले को वापिस भेज देते हैं

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