आम बजट क्या है? | आम बजट कैसे व कौन बनाता है? | What is union budget in Hindi

|| आम बजट क्या है? | बजट कौन व कैसे बनाता है? | What is union budget in Hindi | Aam budget kise kahate hain | आम बजट क्या है? | आम बजट में क्या क्या होता है? | List of union budget in India in Hindi | आम बजट कौन पेश करता है? आम बजट कैसे बनता है? | Budget kaise banta hai) |

What is union budget in Hindi :- भारत देश जब अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था तभी हमारे देश में संविधान का निर्माण हुआ था। इस संविधान के तहत देश में न्यायिक व्यवस्था, भारत सरकार इत्यादि का गठन हुआ और वे उसके अनुरूप ही काम करती है। तो अब देश की सरकार देश को चलाने के लिए एक योजना का निर्माण करती है और हर वर्ष उसे देश के नागरिकों के समक्ष रखती है। अब इन सभी योजनाओं, कल्याणकारी स्कीम, राजस्व, खर्चों, इत्यादि का ढाँचा भी तो तैयार करना आवश्यक होता है।

तो अब यह चीज़ सरकार हर महीने या हर दिन तो तैयार करेगी नही। पूरे विश्व में एक वर्ष की अवधि निर्धारित की गयी है और हम भी अपनी कार्य योजना को एक वर्ष के तहत ही (Aam budget kise kahate hain) बनाते हैं। इसे हम वित्तीय वर्ष या फाइनेंसियल इयर भी कह सकते हैं। अंग्रेजों के अनुसार उनका वर्ष 1 जनवरी को शुरू होता है जबकि भारत देश के अनुसार वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से मानी जाती है।

तो भारत देश ने पिछले वर्ष क्या कुछ किया, कितना राजस्व प्राप्त किया और उसके अनुसार कितना खर्चा किया तथा कितना कर्ज लेना पड़ा और कितने कर्ज की आवश्यकता होगी, अगले वर्ष के लिए भी यही सब चीजों की योजना बनाना, इत्यादि सब एक बजट में सम्मिलित किया जाता (Aam budget kya hai) है। उसे ही भारत का आम बजट कहा जाता है जिसे हम यूनियन बजट ऑफ़ इंडिया भी कह देते हैं। तो आज के इस लेख में हम आपके साथ भारत के आम बजट के बारे में ही विस्तार से बात करने वाले हैं।

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आम बजट क्या है? (What is union budget in Hindi)

आप इस लेख में भारत के आम बजट के बारे में जानने को आये होंगे। आप हर वर्ष फरवरी के महीने में हर तरफ एक ही समाचार सुनते होंगे कि भारत के वित्त मंत्री के द्वारा देश का आम बजट प्रस्तुत किया जाने वाला (Budget kya hai) है। इसको लेकर देश के सभी व्यापारी, उद्योगपति, सीईओ, चेयरमैन, कंपनी के मालिक, नौकरी करने वाले, विद्यार्थी, गृहिणियां, बेरोजगार इत्यादि सभी उत्साहित रहते हैं। देश का चाहे कोई भी नागरिक हो, यह आम बजट सभी को प्रभावित करता है क्योंकि इसी से ही देश की दशा व दिशा दोनों तय होती है।

आम बजट क्या है आम बजट कैसे व कौन बनाता है What is union budget in Hindi

तो ऐसे में आपके मन में रह रह कर यह प्रश्न उठ रहा होगा कि आखिरकार यह आम बजट होता क्या है और इसमें ऐसा क्या होता है। तो आज हम आपके सामने भारत के आम बजट के बारे में हर एक जानकारी विस्तृत रूप से रखने वाले हैं जिसे पढ़ कर आप जान पाएंगे कि यह आम बजट होता क्या है।

आम बजट क्या होता है? (Aam budget kya hota hai)

तो बात करते है आम बजट के बारे में और यह होता क्या है, इसके बारे में। जैसा कि इसके नाम से ही प्रदर्शित है यह देश का एक ऐसा बजट होता है जहाँ देश का सभी तरह का वित्तीय लेखा जोखा शामिल किया जाता है। कहने का अर्थ यह हुआ कि एक ऐसा बजट जिसमे भारत सरकार का वित्त मंत्रालय यह बताता है कि पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने कितनी आय की और उस आय को कहां कहां खर्च किया।

अब यह आय सरकार कई स्रोतों से प्राप्त करती है जिसे हम विभिन्न टैक्स के रूप में परिभाषित (Union budget kya hota hai) करते हैं। अब चाहे यह आय कर हो या वस्तुओं पर लगने वाला कर या अन्य किसी तरह का कर, तो यह सब इस आम बजट में शामिल किया जाता है। इसी के साथ सरकार के द्वारा देश के विकास के लिए कई तरह की योजनाओं को मूर्त रूप दिया जाता है और विकास कार्य करवाए जाते हैं, तो इसमें उस प्राप्त आय का कितने तक का खर्च हुआ और कहां कितना खर्च होना है, यह सब शामिल किया जाता है।

तो एक तरह से यह भारत सरकार के द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष का राजस्व और खर्चों का लेखा जोखा होता है व इसके साथ ही आने वाले वर्ष में क्या कुछ होगा, उसके बारे में ब्यौरा (Union budget kya hai in Hindi) होता है। इसे विस्तृत रूप से समझने के लिए हम इसे कुछ बिंदुओं में बाँट कर समझाने का प्रयास करेंगे।

आम बजट में क्या क्या होता है? (List of union budget in India in Hindi)

अब आपने यह तो जान लिया कि एक आम बजट में क्या क्या चीज़े शामिल होती है लेकिन इसे विस्तृत रूप से समझा जाना अति आवश्यक हो जाता (Aam budget me kya kya aata hai in Hindi) है। इसके लिए हम सिलसिलेवार तरीके से समझने का प्रयास करेंगे कि एक आम बजट में क्या कुछ शामिल किया जाता है। तो आइए जाने एक आम बजट में क्या क्या आता है।

राजस्व का संपूर्ण ब्यौरा

सबसे पहले तो सरकार के द्वारा यह बताया जाता है कि पिछले वित्त वर्ष में उसे विभिन्न स्रोतों से कितनी आय हुई और उसे किस तरह से एकत्रित किया गया। यह आय भारत सरकार देश के नागरिकों, उद्योगों, कंपनियों, व्यापार इत्यादि कई क्षेत्रों से टैक्स के रूप में प्राप्त करती है। अब यह टैक्स भी तरह तरह का होता है जिसे हम सभी चुकाते हैं जैसे कि लोगों की आय पर लगने वाला टैक्स, वस्तुओं के निर्माण पर लगने वाला टैक्स, सेवा का टैक्स या किसी अन्य चीज़ या कार्य पर लगने वाला टैक्स।

इसी के साथ साथ सरकार अन्य तरीको से भी आय प्राप्त करती है जैसे कि किसी पर आर्थिक दंड या जुर्माना लगाना या कोई और प्रावधान के जरिये आय प्राप्त करना। एक तरह से पिछले वित्त वर्ष में भारत सरकार को विभिन्न माध्यमो से जो भी राजस्व प्राप्त हुआ है उसका संपूर्ण ब्यौरा इस आम बजट में पेश किया जाता है।

खर्चों का विवरण

अब सरकार ने राजस्व तो एकत्रित कर लिया लेकिन उसे वह कही खर्च भी तो करेगी। तो पिछले वित्त वर्ष में भारत सरकार के द्वारा मिले राजस्व का किस तरह से उपयोग किया गया और इसे कहां कहां और किस तरह से खर्च किया गया, इसका संपूर्ण विवरण भी इसी आम बजट में पेश किया जाता है। भारत सरकार एक वर्ष में कई तरह की योजनाओं को बनाती है और देश के नागरिकों के लिए उनका क्रियान्वयन करती है।

सरकार देश के नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई तरह के विकास कार्य भी करवाती है, नयी चीज़ों का निर्माण करती है, बहुत चीजों में छूट देती है इत्यादि। तो इसमें खर्चा तो लगेगा ही और वह सब राजस्व से ही आएगा। इसी के साथ भारत सरकार अपने अधीन काम कर रहे सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, सेनाओं, राजनेताओं को भी वेतन देती हैं। तो कुल मिला कर पिछले वित्त वर्ष में मिले राजस्व का कहां कहां उपयोग किया गया, इसका संपूर्ण विवरण भी इसी आम बजट में दिया जाता है।

कर्ज की राशि

अब यदि भारत सरकार के द्वारा एक वित्त वर्ष में मिला राजस्व उसके द्वारा किये जाने वाले खर्चे से कम है तो भारत सरकार को विभिन्न माध्यमो से कर्ज लेने की जरुरत पड़ती है। यह कर्ज वह लोगों से, उद्योगों से, बैंकों से, RBI से और दूसरे देशों से लेती है। साथ ही उन पर हर वर्ष ब्याज का भी भुगतान किया जाता है।

तो भारत सरकार के ऊपर किस चीज़ का कितना कर्जा है उसका कितना भुगतान किया गया, कितना नया कर्जा लिया गया, उस पर लगने वाले ब्याज की दर क्या है, इत्यादि का विवरण भी इसी आम बजट में पेश किया जाता है। किसी भी देश के लिए कर्ज की राशि का बढ़ना उस देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इसी कारण भारत के प्रधानमंत्री ने रेवड़ी कल्चर पर कठोर प्रहार किया है क्योंकि यह देश को बर्बाद करने का ही काम करेगी।

नयी योजनाएं व नीतियाँ

पिछले वित्त वर्ष का सब लेखा जोखा प्रदर्शित करने के बाद सरकार के द्वारा नए वित्त वर्ष के लिए भी कई तरह की योजनाओं का विवरण इस आम बजट में शामिल किया जाता है। मुख्य रुप से देश के नागरिकों को इसी के बारे में ही जानना होता है क्योंकि इससे ही देश की दशा व दिशा तय होती है।

तो आने वाले वित्त वर्ष के लिए भारत सरकार किस तरह की योजना लाने जा रही है, उसके लिए किस तरह की नीतियों का निर्माण हो रहा है, किस विभाग को कितना रूपया दिया जाएगा और क्या सुविधा दी जाएगी, इन सभी बातो का विवरण इसी आम बजट में पेश किया जाता है। इसी पर ही देश का व्यापार, सेंसेक्स, निफ्टी, उद्योग इत्यादि प्रभावित होते हैं।

टैक्स का अपडेट

इस बात को लेकर देश के मध्यम आय वर्ग वाले लोग सबसे ज्यादा उत्साहित होते हैं क्योंकि हर वर्ष भारत सरकार आय कर तथा अन्य विभिन्न करो में अपडेट करती है। जैसे कि कभी किसी को आय कर में छूट दी गयी तो कभी उसकी लिमिट बढ़ा दी गयी तो कभी उसमे टैक्स बढ़ा दिया गया तो कभी कम कर दिया गया। GST किसी पर कम किया तो किसी पर लगा दिया, यह भी इसी में ही आता है।

एक तरह से अगले वर्ष के लिए राजस्व एकत्रित करने का पूरा ब्यौरा भी इसी आम बजट में ही पेश किया जाता है और सरकार देश व संसद को यह सूचित करने का काम करती है कि आने वाले वर्ष में वह किस तरह से और कहां से और कितना राजस्व एकत्रित करने वाली है। इसी पर ही देश की आय, वस्तुओं का मूल्य इत्यादि निर्धारित होता है जो सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

आम बजट कौन पेश करता है? (Budget kaun pesh karta hai)

अब आपका अगला प्रश्न यह होगा कि इस आम बजट को कौन पेश करता है। तो आज हम आपको यह स्पष्ट कर दे कि देश की संसद के समक्ष इस आम बजट को पेश करने का अधिकार देश के वित्त मंत्री को होता है और वही इसे पेश करता (Budget pesh kaun karta hai) है। वर्तमान समय में भारत देश की वित्त मंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण जी है और उनके द्वारा ही इस आम बजट को पेश किया जाता है।

आम बजट के अन्य नाम

इस आम बजट को कुछ अन्य नामों से भी जाना जाता है जिसे आपका जानना जरुरी है। वह इसलिए क्योंकि कई जगह इसे इसके दूसरे नाम से भी परिभाषित किया जाता है और उसे सुन कर आप यह ना सोचने लग जाए कि अब यह बजट कहां से आ गया या फिर यह क्या चीज़ है। तो इस आम बजट के दो अन्य नाम है जो इस प्रकार है:

  • यूनियन बजट ऑफ़ इंडिया (Union Budget of India)
  • एनुअल फाइनेंसियल स्टेटमेंट (Annual Financial Statement)

आम बजट कब पेश होता है? (Budget kab pesh kiya jata hai)

आपको यह भी जानना चाहिए कि यह आम बजट संसद में वित्त मंत्री के द्वारा कब पेश किया जाता है। तो वर्ष 2016 तक तो इसे फरवरी माह के अंतिम वर्किंग डे अर्थात अंतिम कामकाजी दिवस के दिन पेश किया जाता था किंतु तब के वित्त मंत्री श्रीमान अरुण जेटली जी के द्वारा इसकी तिथि में बदलाव कर दिया गया और उसके बाद से यह आम बजट हर वर्ष फरवरी की प्रथम तिथि के दिन पेश किया जाने लगा।

तो वर्तमान समय में देश का आम बजट 1 फरवरी को संसद के समक्ष पेश किया जाता (Budget kab aata hai) है। हालाँकि भारत का वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है लेकिन बजट को उससे दो माह पूर्व इसलिए पेश किया जाता है ताकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले सब तैयारियां की जा सके और सभी योजनाओं को अमली जामा पहनाया जा सके। इसी कारण अरुण जेटली जी ने इसकी तिथि में परिवर्तन कर इसे 1 फरवरी कर दिया था।

आम बजट को पेश किये जाने का समय क्या है? (Union budget time schedule in Hindi)

वर्ष 1999 तक देश का आम बजट शाम को 5 बजे संसद के समक्ष रखा जाता था। अब आपका प्रश्न यह होगा कि जब संसद सुबह ही शुरू हो जाती है और यह इतना महत्वपूर्ण कार्य है तो इसे शाम के 5 बजे क्यों पेश किया जाता था। तो इसका उत्तर है हमारे देश की राजनीति की गुलाम मानसिकता। दरअसल वर्ष 1999 तक देश में कांग्रेस की ही सरकार रही थी और कांग्रेस ब्रिटिश सत्ता की चापलूसी में ही लगी रहती थी। जिस समय भारत में शाम के 5 बजे होते थे उस समय ब्रिटेन में सुबह के 11:30 बजे होते थे जो उनके लिए काम की शुरुआत का समय होता था।

तो ब्रिटिश लोगों और राजनेताओं की सहूलियत को देखते हुए भारत देश का आम बजट आजादी के इतने वर्षों तक शाम को 5 बजे तक पेश किया जाता रहा। इसके बाद देश में बगैर कांग्रेस की सरकार बनी जो भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में NDA की सरकार थी और देश के प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमान अटल बिहारी वाजपेयी जी थे। उन्होंने इस प्रथा का अंत किया और देश के आम बजट का समय शाम 5 बजे के बजाए सुबह 11:30 बजे का कर दिया। तब से लेकर आज तक भारत का आम बजट सुबह 11:30 बजे ही संसद के समक्ष रखा जाता है।

आम बजट कौन बनाता है? (Budget kon banata hai)

आम बजट में क्या कुछ होता है, उसे संसद के सामने कब और किस समय रखा जाता है, उसे कौन पेश करता है इत्यादि सब जानने के बाद बारी है इसे बनाने वाले लोगों (Budget kon banta hai)की। तो आज हम आपको यह भी बता दे की देश का आम बजट वित्त मंत्रालय के अधिकारी, शीर्ष आईएस अधिकारी, वित्त सचिव, वित्त मंत्री, RBI अध्यक्ष, नीति आयोग के अध्यक्ष इत्यादि की देखरेख में बनाया जाता है। इसे वित्त मंत्रालय में बनाया जाता है और इसके लिए बजट पेश करने से 6 माह पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती है।

फिर बजट पेश किये जाने से 2 से 3 सप्ताह पहले इसे अंतिम रूप देने का काम किया जाता है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण और गोपनीय कार्य होता है और इसी पर देश की दिशा तय होती है। इसलिए यह सब अधिकारी 2 से 3 सप्ताह तक वित्त मंत्रालय में ही रहते हैं और आम बजट बनाने का कार्य करते हैं। उस समय उन्हें किसी से भी बात करने की अनुमति नहीं होती, बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती, उनका बाहरी दुनिया से हर तरह का संपर्क काट दिया जाता है और वहां के कंप्यूटर को भी सभी तरह से डिलिंक कर दिया जाता है।

आम बजट कैसे बनता है? (Budget kaise banta hai)

आम बजट को बनाने के लिए सभी तरह की तैयारियां भारत सरकार के मंत्री, सांसद, अधिकारी इत्यादि करते हैं। उनके द्वारा भारत सरकार के हर एक मंत्रालय, उद्योग, कंपनियों इत्यादि सभी के आंकड़े जुटाए जाते (Budget kaise banaya jata hai) हैं। भारत सरकार के द्वारा चलायी जा रही सभी तरह की कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों, टैक्स इत्यादि सभी का डाटा तैयार किया जाता है। इनका सत्यापन किया जाता है और फिर उसे आम बजट में शामिल किया जाता है।

इसी के साथ आने वाले वर्ष के लिए भारत सरकार की क्या कुछ योजनाएं हैं और क्या नीतियाँ हैं, इसको भी आम बजट में शामिल किया जाता है। एक तरह से ऊपर बताये गए पाँचों बिंदुओं पर सिलसिलेवार तरीके से अध्ययन किया जाता है और उन्हें एक एक करके आम बजट में शामिल किया जाता है। इसके बाद तैयार बजट को सील कर दिया जाता है और देश के वित्त मंत्री को सौंप दिया जाता है।

वित्त मंत्री संसद भवन में पहुँच कर ही आम बजट की इस सील को खोलता है और देश की संसद के सामने इस पूरे आम बजट को पढ़ता है। इसके बाद ही संसद में उसको लेकर चर्चा होती है और यदि उसमे कुछ सुधार की आवश्यकता होती है तो वह किया जाता है।

आम बजट से पहले होती है हलवा सेरेमनी (Budget halwa ceremony in Hindi)

यह वर्षों से चली आ रही प्रथा है जिसका आज तक पालन किया जाता है। 2 से 3 सप्ताह से सरकार के शीर्ष अधिकारी व वित्त मंत्रालय के कर्मचारी इस बजट को वित्त मंत्रालय में रह कर तैयार कर रहे होते हैं और इसे मूर्त रूप देते (Union budget halwa ceremony in Hindi) हैं। तो जिस दिन बजट पेश किया जाना होता है उसी दिन सुबह वित्त मंत्रालय में एक बढ़ी सी कड़ाई में हलवा तैयार किया जाता है।

फिर देश का वित्त मंत्री वहां आता है और उन अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ आम बजट के तैयार होने की खुशी में हलवा खाता है। उसके बाद वे अधिकारी वित्त मंत्री को वह बजट सौंप देते हैं जिसे लेकर मंत्री सीधा देश की संसद पहुँचता है और सांसदों व देश के समक्ष उस बजट को रखता है।

आम बजट पेश करने के बाद क्या होता है?

जब वित्त मंत्री संसद परिसर में आम बजट का पूरा विवरण पढ़ कर सुना देता है तो उसके बाद सरकार और विपक्ष के सांसद उस पर चर्चा करते हैं। विभिन्न सांसदों के द्वारा कुछ सुझाव दिए जाते हैं और उनके सुझावों और हो रही चर्चा के आधार पर यदि आम बजट में कुछ सुधार किया जा सकता है तो वह किया जाता है। जब इस पर सभी की सहमती मिल जाती है तो इसे दोनों सदनों से पारित कर दिया जाता है। उसके बाद यह आम बजट कानून बन जाता है और अगले एक वर्ष तक देश इसी आम बजट के भरोसे चलता है।

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आम बजट क्या है – Related FAQs

प्रश्न: आम बजट का अर्थ क्या है?

उत्तर: आम बजट का अर्थ होता है देश के राजस्व व खर्चों का सब लेखा जोखा।

प्रश्न: भारत में आम बजट कौन पेश करता है?

उत्तर: भारत में आम बजट देश के वित्त मंत्री पेश करते हैं।

प्रश्न: आम बजट कब पेश किया जाता है?

उत्तर: आम बजट हर वर्ष 1 फरवरी को पेश किया जाता है।

प्रश्न: भारत में बजट कौन बनाता है?

उत्तर: भारत में बजट मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी, नीति आयोग के सदस्य व मंत्री मिलकर बनाते हैं।

तो इस तरह से आज के इस लेख में आपने जाना कि आम बजट क्या होता है, किस तरह इसका निर्माण किया जाता है, इसमें क्या कुछ होता है, इसे कौन बनाता है, इसे संसद के समक्ष कब और किस समय पेश किया जाता है और इसे कौन पेश करता है इत्यादि।

शेफाली बंसल
शेफाली बंसल
इनको लिखने में काफी रूचि है। इन्होने महिलाओं की सोशल मीडिया ऐप व वेबसाइट आधारित कंपनी शिरोस में कार्य किया। अभी वह स्वतंत्र रूप में लेखन कार्य कर रहीं हैं। इनके लेख कई दैनिक अख़बार और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
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