यूपी 300 यूनिट फ्री बिजली आवेदन | 300 यूनिट फ्री बिजली घर घर रजिस्ट्रेशन शुरू

यूपी में 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी, जानिए कौन देगा मुफ्त बिजली? कैसे मिलेगी फ्री बिजली? इसके लिए क्या करना होगा?

यूपी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस रण में 300 यूनिट फ्री बिजली का वादा सबकी जुबान पर चढ़ा हुआ है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यूपी के वोटरों से यह बड़ा वादा किया है। उन्होंने कहा है कि यदि समाजवादी पार्टी सरकार में आई तो 300 यूनिट बिजली फ्री देगी।

अखिलेश यादव के इस वादे के बाद यूपी के नागरिकों एवं वोटरों के दिमाग में इसे लेकर कई प्रश्न हैं, जैसे 300 यूनिट मुफ्त बिजली किसको मिलेगी? इसके लिए क्या करना होगा? क्या इसके लिए कोई फाॅर्म भरना होगा आदि। आइए, जानते हैं कि जो लोग यह फ्री बिजली चाहते हैं, इसके लिए उन्हें क्या करना होगा। उन्हें बिजली किस प्रकार से फ्री मिलेगी-

मुफ्त बिजली चुनाव में बड़ा मुद्दा क्यों बनती है?

दोस्तों, सबसे पहले एक सवाल पर बात। यह सवाल आपके मस्तिष्क में अवश्य उठ रहा होगा और वो ये कि आखिर मुफ्त बिजली चुनाव में एक बड़ा मुद्दा क्यों बन जाती है। साथियों, इसकी सीधी सी वजह यह है कि यह प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित मुद्दा है। करीब करीब हर व्यक्ति बिजली उपभोक्ता है।

इसके बगैर किसी का काम नहीं चलता एवं जिस प्रकार से महंगाई बढ़ी है, बिजली बिल में थोड़ी सी भी राहत उसकी परेशानी थोड़ी कम कर सकती है। यदि आप यूपी में ही रहते हैं तो आपको बता दें कि पिछले पांच साल में यानी 2017 से बिजली की दरों में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो चुकी है, जबकि लोगों की आय में अपेक्षाकृत इस तरह की इजाफा नहीं हुआ है।

उल्टे कोरोना की मार से आम आदमी बेहाल है। हजारों लोग अपने लगे लगाए काम धंधे छोड़कर बेगार करने को मजबूर हुए हैं। ऐसे में मुफ्त बिजली वह भी 300 यूनिट तक उनके लिए एक शानदार एवं बेहद लुभावना वादा साबित हो सकता है, जिसके बल पर कोई भी नेता जनता के वोट हासिल कर सकता है।

19 जनवरी, 2022 से सपा का 300 यूनिट फ्री बिजली अभियान

मित्रों, यूपी में अधिक बिजली बिल आने, मीटर के न होने पर भी बिल भेज देने जैसी समस्याएं बहुत सामने आती रही हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को चुनाव में भुनाने की कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने विधानसभा चुनाव के वक्त लोक लुभावन घोषणा का पुराना पैंतरा आजमाते हुए सत्ता में आने पर आम आदमी के लिए 300 यूनिट बिजली फ्री किए जाने की घोषणा की है।

यूपी 300 यूनिट फ्री बिजली आवेदन | 300 यूनिट फ्री बिजली घर घर रजिस्ट्रेशन शुरू

आपको बता दें दोस्तों कि इसके लिए सपा ने 19 जनवरी, 2022 से 300 यूनिट फ्री बिजली (free electricity) अभियान शुरू किया है। पार्टी की ओर से इससे पूर्व सामाजिक परिवर्तन रथ यात्रा के दौरान भी प्रदेश के प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा किया गया है।

पार्टी के तमाम नेता इस बात को मानते हैं कि यदि चुनाव में यह वादा चल गया तो यूपी में अखिलेश यादव को सरकार में आने से कोई नहीं रोक सकता। वहीं, पश्चिमी यूपी में राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चैधरी से उनका गठबंधन भी कोई गुल खिला सकता है। ऐसा उनका मानना है। हालांकि होगा क्या, यह तो चुनाव का नतीजा ही बताएगा।

फाॅर्म भरने वालों का ही बिजली बिल माफ होगा

दोस्तों, आपको बता दें कि जिन लोगों का बिजली बिल ज्यादा आया है, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर ऐसे लोगों की 300 यूनिट तक बिजली माफ करने की घोषणा की है। इसके लिए सपा कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्रों में जाकर लोगों को योजना के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

फ्री बिजली पाने के लिए लोगों को फार्म भरकर रजिस्ट्रेशन (registration) कराना होगा। 300 यूनिट से अधिक बिजली बिल आने पर इनमें से 300 यूनिट घटा दिए जाएंगे।

पार्टी कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों से फ्री बिजली के लिए फाॅर्म भरवाएंगे

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की यूपी के लोगों को 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा सरकार के आते ही अमली जामा पहन सके, इसके लिए कार्यकर्ता घर घर, डोर-टू-डोर (door to door) जाकर फ्री बिजली चाहने वाले लोगों से फाॅर्म भरवाएंगे।

सपा के सरकार में आने पर जब इन लोगों का बिजली बिल आएगा तो उनकी 300 यूनिट बिजली फ्री की जाएगी। दोस्तों, आपको बता दें कि फार्म भरे जाने के दौरान वे यह फाॅर्म भरनेवाले लोगों को पार्टी की सभी घोषणाओं की भी जानकारी देंगे।

सरल शब्दों में कहें तो पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र आम जनता के सम्मुख रखेंगे। पार्टी लोक लुभावन वादों की बदौलत सत्ता की नाव पर सवार होने का ख्वाब संजो रही है।

जिस नाम से बिजली बिल आता है फाॅर्म में वही नाम भरना होगा

दोस्तों, यह तो हमने आपको बताया कि 300 यूनिट फ्री बिजली का लाभ लेने के लिए लोगों को एक फाॅर्म भरना होगा, आपको यह भी बता दें कि जिस नाम से लोगों के घरेलू बिजली कनेक्शन के बिजली बिल उनके घर आते हैं, वही नाम उन्हें 300 यूनिट फ्री बिजली लेने के लिए भरवाए जा रहे फाॅर्म में भरना होगा।

यदि वे ऐसा नहीं करते तो वह इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकेंगे। सरकार में आने पर जिन लोगों के नाम फार्म में भरे गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बिजली बिल में 300 यूनिट तक बिजली माफ की जाएगी।

इसके लिए सपा सरकार ने अभियान शुरू करते हुए एक नारा भी दिया है, ‘300 यूनिट मुफ्त पाएं, नाम लिखाएं, नाम न छूट जाए।’

जिन लोगों के पास घरेलू बिजली कनेक्शन नहीं, वे क्या करेंगे

दोस्तों, अब आपको एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन लोगों के पास वर्तमान में घरेलू बिजली कनेक्शन नहीं है एवं जो भविष्य में घरेलू बिजली कनेक्शन (domestic electricity connection) लेना चाहते हैं, ऐसे लोग राशन कार्ड (ration card) अथवा आधार कार्ड (aadhar card) में दर्ज नाम को ही फ्री बिजली लेने के लिए भरे जाने वाले फाॅर्म में दर्ज कराएं, ताकि बाद में यह सुविधा देने में किसी प्रकार की परेशानी आड़े न आए।

यूपी में कुछ महीने से लोगों को बिजली बिल नहीं आ रहे

यूपी में सरकार की ओर से बीते तीन चार माह से बिजली बिल नहीं भेजे जा रहे हैं। इसकी वजह बताई जा रही है कि यह बहुत ज्यादा राशि के हैं। यदि ये बिल भेजे जाते हैं, तो निश्चित रूप से जनता पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

ऐसे में विधानसभा चुनाव के अहम समय सरकार जनता को नाराज करने का यह खतरा नहीं उठाना चाहेगी। यह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने बिजली इस्तेमाल ही नहीं की, यहां तक कि जिनके यहां अभी मीटर तक भी नहीं लगा है, ऐसे लोगों को भी बिजली के बिल भेज दिए गए हैं।

अधिक बिल होने पर जमा न किए जाने की स्थिति में बहुत सारे मामलों में एफआईआर तक की नौबत आई है। ऐसे में अब जनता ‘करंट’ मारेगी।

आम आदमी पार्टी भी 300 यूनिट फ्री बिजली का वादा कर चुकी

मित्रों, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि न केवल समाजवादी पार्टी, बल्कि आम आदमी पार्टी (aam aadmi party) यानी आप भी सत्ता में आने पर प्रदेश के नागरिकों से 300 यूनिट फ्री बिजली प्रदान करने का वादा कर चुकी है। यही वादा उसने उत्तराखंड में भी दोहराया है।

इससे पूर्व आप के नेता अरविंद केजरीवाल फ्री बिजली के वादे से दिल्ली (Delhi) एवं पंजाब (punjab) में मतदाताओं के बीच जगह बना चुके हैं। अब वे इसे एक चुनाव जिताऊ वादा समझते हैं, लिहाजा जनता के सामने इस घोषणा का पासा फेंक दिया है।

अलबत्ता, दिल्ली के मुख्यमंत्री (cm of Delhi) अरविंद केजरीवाल (arvind kejriwal) कह चुके हैं कि आजकल कई दल जगह जगह जाकर फ्री बिजली देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन यह कोई नहीं दे सकता। इसका फार्मूला सिर्फ और सिर्फ हमारी सरकार को पता है।

यूपी ने चुनाव से ठीक पहले बिजली दरों में कमी से राहत दी

जहां एक और अन्य पार्टियां फ्री बिजली का दावा कर लोगों को लुभाने का काम कर रही हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी सरकार ने चुनाव से ऐन पहले एक बड़ा दांव खेलते हुए बिजली दरों में कमी की घोषणा से प्रदेशवासियों को राहत दी। स्वयं भाजपा के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने आफिशियल ट्विटर हैंडल (twitter handle) से इस संबंध में ट्वीट (tweet) किया।

उन्होंने शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर 6 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 3 रुपये प्रति यूनिट करने की बात कही। वहीं, फिक्स्ड चार्ज (fixed charge) 130 रुपये प्रति हाॅर्स पावर से घटाकर 65 रुपये प्रति हार्स पावर (horse power) करने की घोषणा की।

इसके अतिरिक्त निजी नलकूप के नए बिलों में ग्रामीण मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर 2 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 1 रुपये प्रति यूनिट के साथ ही फिक्स चार्ज 70 रुपये प्रति हार्स पावर से घटाकर 35 रुपये प्रति हार्स पावर किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनमीटर्ड कनेक्शन में फिक्स चार्ज 170 रुपये प्रति हार्स पावर के स्थान पर 85 रुपये प्रति हार्स पावर किया जा रहा है।

दिल्ली में फ्री बिजली योजना में क्या प्रावधान

साथियों, आपको बता दें कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार वहां के निवासियों को 200 यूनिट तक फ्री बिजली प्रदान कर रही है। इसके पश्चात 200 यूनिट से अधिक किंतु 400 यूनिट तक बिजली बिल वाले नागरिकों को बिल में 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए लोगों को कोई बहुत अधिक दस्तावेजों (documents) की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्हें केवल अपने आधार कार्ड एवं स्थाई निवास प्रमाण पत्र (permanent resident certificate) के साथ आईडी (id) एवं बिजली बिल दिखाना पड़ता है। मोबाइल नंबर (mobile number) तो आजकल हर किसी का होता है।

महज इन दस्तावेजों के आधार पर दिल्ली का कोई भी नागरिक फ्री बिजली योजना का लाभ उठा सकता है। उसे आवेदन पत्र (application form) को भरकर दस्तावेजों को अटैच (attach) करना होता है। दस्तावेजों के सत्यापन (verification) के पश्चात उसे फ्री बिजली का लाभ दे दिया जाता है।

दोस्तों, आपको बता दें कि इस योजना में किसी भी प्रकार का कोई आरक्षण नहीं रखा गया है। बस आवेदक के लिए दिल्ली का स्थाई निवासी होना आवश्यक किया गया है।

केजरीवाल ने 300 यूनिट फ्री बिजली का वादा किया, उत्तराखंड सरकार ने 100 यूनिट फ्री का

उत्तराखंड में भी यूपी के साथ ही चुनाव प्रस्तावित हैं। यूपी में पहले चरण के लिए मतदान 10 फरवरी, 2022 को होगा, जबकि उत्तराखंड में 14 फरवरी, 2022 यानी वेलेंटाइन डे (valentine day) के दिन वोटिंग होगी। आम आदमी पार्टी भी उत्तराखंड चुनाव में खम ठोक रही है।

उसने यहां कर्नल अजय कोठियाल को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया है। इससे पूर्व आप अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल यह घोषणा कर चुके हैं कि यदि आप उत्तराखंड में सत्ता में आती है तो स्थानीय नागरिकों को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी। उन्होंने पुराने बिलों पर भी वसूली की माफी की घोशणा की।

वहीं, उनकी ओर से किसानों को मुफ्त बिजली का वादा किया गया है। केजरीवाल ने यह भी वादा किया कि प्रदेश में कोई पावर कट नहीं लगेगा। मुफ्त बिजली का मतलब लंबे समय तक बिजली कट नहीं है।

उधर, अरविंद केजरीवाल के इस कदम की काट के तौर पर उत्तराखंड सरकार ने 100 यूनिट तक बिजली फ्री करने का वादा किया है। वहीं, उसने 200 यूनिट के बिजली बिल पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा की है।

सपा से पूर्व आप उत्तराखंड में मुफ्त बिजली गारंटी कार्ड, वेबसाइट, मोबाइल नंबर लांच कर चुकी

सपा ने मुफ्त बिजली अभियान की शुरूआत 19 जनवरी, 2022 में की है, जबकि आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल जुलाई, 2021 में ही मुफ्त बिजली गारंटी कार्ड (muft bijli guarantee card) लांच कर चुके। उत्तराखंड में उन्होंने 300 यूनिट फ्री बिजली का वादा किया है।

इससे लोगों को अवगत कराने एवं बिजली गारंटी देने के लिए आप के 10 हजार कार्यकर्ता प्रदेश की 70 विधानसभाओं में जा रहे हैं। उन्हें बता रहे हैं कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो फ्री बिजली एक गारंटी होगी। इसके लिए लोगों से उनकी डिटेल (details) भी भरवाई जा रही है।

इसके साथ ही पार्टी ने एक वेबसाइट kejriwalbijliguarantee.in लांच की है। इस पर जाकर कोई भी फ्री बिजली सप्लाई के वादे के तहत स्वयं को रजिस्टर (register) कर सकता है। इसके अतिरिक्त पार्टी की ओर से एक मोबाइल नंबर 7669007669 भी लांच किया गया है।

लोग इस पर मिस्ड काॅल (missed call) करने के साथ ही स्वयं को इस योजना के लिए रजिस्टर करा सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर ही लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

मुफ्त बिजली से राजस्व को भारी नुकसान पहुंचता है

चुनाव से पहले अनेक पार्टियां मुफ्त बिजली की राजनीति करती हैं। यह लोक लुभावन ऐलान उन्हें वोट जरूर दिला देता है, लेकिन जीतने पर सत्ता में आने वाली सरकार के लिए सिरदर्द जरूर बन जाता है। दोस्तों, आपको बता दें कि मुफ्त बिजली देना राजस्व (revenue) को भारी नुकसान पहुंचाना है।

नई सरकार को कर्ज लेकर, नया टैक्स लगाकर अथवा किसी अन्य आवश्यक सेवा के बजट में कटौती करके इस नुकसान की भरपाई करनी पड़ती है। दूसरे, अच्छी बिजली सप्लाई के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) विकसित करने पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

मुफ्त बिजली के कदम से होने वाला नुकसान सरकार दूसरे विभागों का बजट काटकर भी करती है। जैसे-केवल उत्तराखंड की ही बात करें तो यहां रोडवेज के करीब छह हजार कर्मचारी महीनों से वेतन के लिए मारामारी चल रही है। सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। बजट की कमी से आए दिन स्कूल बंद होते रहते हैं।

मुफ्त बिजली से बढ़ सकती है मुफ्तखोरी की आदत

मित्रों, यह तो आप जानते ही हैं कि बिजली की बचत करने के लिए गर्मियों के मौसम में कई परिवार एक ही कमरे में आकर बैठ जाते हैं, ताकि एक ही पंखे अथवा कूलर से काम चल आए। वे यदि घर में एसी एवं हीटर इस्तेमाल करते हैं तो सोच समझकर। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि मुफ्त बिजली मिलेगी तो लोग बिजली के इस्तेमाल को लेकर बरती जाने वाली एहतियात को बंद कर देंगे।

इससे उनका बिजली बिल बढ़ेगा। बिजली इस्तेमाल की जरूरत को पूरा करने के लिए अधिक सप्लाई करने को नई परियोजनाओं की नींव रखनी होगी, जिससे पर्यावरणीय खतरों (environmental hazards) में भी वृद्धि होगी। उनका मानना है कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, सिंचाई के किसानों, अस्पतालों एवं सरकारी विद्यालयों को मुफ्त बिजली दी जा सकती है।

लेकिन जो लोग बिल चुकाने में समर्थ हैं, उनके लिए मुफ्त बिजली का झुनझुना नहीं बजाया जाना चाहिए। अच्छे सिस्टम के लिए यह अति आवश्यक है। आपको बता दें कि एक तरफ जहां नेता चुनाव के समय लोगों को मुफ्त बिजली का झुनझुना थमा रहे हैं, वहीं, देश में कई राज्य सरकारों ने बिजली को निजी हाथों में सौंप दिया है। वहां उनसे प्रति यूनिट बहुत अधिक बिल की वसूली की जा रही है। यह सरकारी इंतजामों का बर्बादीकरण ही है कि सारी व्यवस्थाएं निजी हाथों में चली जाएं।

उत्तराखंड का ऊर्जा निगम घाटे में, मुफ्त बिजली कहां से मिलेगी

साथियों, बात उत्तराखंड से ही शुरू करते हैं। यहां भी विभिन्न राजनीतिक पार्टियां अपने वोट के मकसद से लोगों पर मुफ्त बिजली का जाल डाल रही हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि ऊर्जा निगम अपने संसाधनों से 300 यूनिट तो दूर एक यूनिट भी फ्री देने की स्थिति में नहीं है।

वह अपना ही खर्च मुश्किल से निकाल पा रहा है। ऐसे में मुफ्त बिजली प्रदेश के नागरिकों को कहां से मुहैया कराई जाएगी। ऊर्जा निगम का घाटा भी कोई कम नहीं, बल्कि दो अरब रुपये से अधिक का है।

100 यूनिट बिजली फ्री करने पर 210 करोड़ का खर्च

मित्रों, आपको एक और जानकारी दे दें। उत्तराखंड राज्य में कुल 26 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 23 लाख उपभोक्ताओं के पास घरेलू कनेक्शन है। यदि सरकार 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले लगभग सात लाख लोगों को मुफ्त बिजली देती है तो 210 करोड़ रूपये का खर्च आएगा।

आपको बता दें कि राज्य में 200 यूनिट तक बिजली खर्च की लिमिट के दारे में करीब 13 लाख उपभोक्ता आते हैं। ऐसे में यदि यहां बिजली मुफ्त देने का वायदा पूरा किया जाए तो खजाने पर कितना जोर पड़ेगा, यह सहज ही समझा जा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि बिजली चोरी, ट्रांसमिशन लाॅस (transmission loss) आदि रुक जाए तो इस संबंध में कुछ राहत मिल सकती है।

यूपी सरकार मुफ्त बिजली के वादे को कैसे पूरा करेगी?

दोस्तों, अब पुनः अखिलेश यादव की प्रदेशवासियों को 300 यूनिट बिजली फ्री देने की घोषणा पर आते हैं। यहां यह समझना आवश्यक है कि क्या यूपी का बिजली विभाग प्रदेशवासियों को मुफ्त बिजली देने की हैसियत रखता है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि यूपी बिजली विभाग स्वयं 90 हजार करोड़ रूपये के घाटे में है।

आपको बता दें कि जिस वक्त अखिलेश यादव स्वयं यूपी के मुख्यमंत्री थे, प्रदेश का बिजली विभाग 73 हजार करोड़ रूपये के घाटे में था। 2017 से लेकर अब तक करीब पांच साल में बिजली की दरों में 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ोत्तरी हो चुकी है।

क्या चुनाव जीतने के बाद नेता सभी वादे पूरे करते हैं

सपा, आप, भाजपा सभी विभिन्न राज्यों में सत्ता में आने पर फ्री बिजली मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में केवल यही बात कही जा सकती है कि ये चुनावी वादे हैं, वादों का क्या। चुनावी रण में उतरे नेता चुनाव जीतने तक किसी और आवरण में रहते हैं और चुनाव जीतने के बाद सत्ता में आने पर उनका मुखौटा बदल जाता है। वे मानने लगते हैं कि जनता के पास उन्हें पांच साल में एक बार जाना है।

ऐसे में यदि वे अपना वादा तुरंत पूरा न भी करें तो भी कोई नुकसान नहीं। क्योंकि जनता की स्मरण शक्ति बेहद कमजोर होती है। ऐसे में वे चुनावी वादे करने एवं भूल जाने में अधिक यकीन रखते हैं। इसके लिए सीधे सीधे जनता को भी दोषी ठहराने में कोई बुराई नहीं। क्योंकि चुनावी वादों की हकीकत उसे भी बहुत अच्छी तरह से मालूम होती है।

इसलिए वह भी इन वादों को कोई बहुत गंभीरता से नहीं लेती। यह भारतीय राजनीति की सच्चाई है कि यहां भीड़ हर नेता की रैली में मिल जाएगी, लेकिन बात वोट की आएगी तो वोटर केवल अपनी जाति देखकर ही वोट करता है। विभिन्न जातियों के नेताओं का चुनाव के समय एक दल को छोड़कर दूसरे दल में जाना इस बात को और पुख्ता तरीके से प्रमाणित करता है।

चुनाव संसद के हों अथवा विधानसभा के, इस बात से आप भी नावाकिफ नहीं होंगे कि पार्टियां टिकट देने में चुनावी गणित को कतई नजरअंदाज नहीं करतीं। यही दरअसल चुनावी वैतरणी पार करने का एक जांचा-परखा फार्मूला है।

यूपी में किस पार्टी ने सरकार में आने पर 300 यूनिट बिजली फ्री देने की घोषणा की है?

यूपी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोशणा की है।

300 यूनिट फ्री बिजली पाने के लिए यूपी के लोगों को क्या करना होगा?

300 यूनिट बिजली फ्री पाने के लिए यूपी के लोगों को एक फार्म भरना होगा।

यूपी के लोग फ्री बिजली पाने के लिए फाॅर्म कहां भर सकेंगे?

इसके लिए यूपी के लोगों को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं। सपा कार्यकर्ता डोर-टू-डोर कैंपेन चलाकर इन फार्म को भरवाएंगे।

फार्म भरते वक्त क्या खास सावधानी बरतनी होगी?

फार्म में लोगों को वही नाम भरना होगा, जिस नाम से उनके घर में बिजली का बिल आता है।

जिन लोगों के घर में बिजली कनेक्शन नहीं है वे क्या करें?

जिन लोगों के पास घरेलू कनेक्शन नहीं है वे राशन कार्ड अथवा आधार कार्ड में दर्ज नाम फार्म में लिखवा सकते हैं।

सपा ने लोगों तक मुफ्त बिजली की जानकारी पहुंचाने के लिए क्या अभियान चलाया है?

सपा ने लोगों तक इस संबंध में जानकारी पहुंचाने के लिए 19 जनवरी, 2022 से फ्री बिजली अभियान शुरू किया है।

इससे पूर्व 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किस पार्टी ने और कहां किया है?

इससे पूर्व यह वादा अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड के नागरिकों से किया है।

उत्तराखंड में आप ने फ्री बिजली से जुड़ा कौन सा कार्ड लांच किया है?

उत्तराखंड में आप ने फ्री बिजली से जुड़ा केजरीवाल मुफ्त बिजली गारंटी कार्ड लांच किया है।

दोस्तों, हमने आपको यूपी में 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी, जानिए कौन देगा मुफ्त बिजली? कैसे मिलेगी फ्री बिजली? इसके लिए क्या करना होगा? इस संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की। उम्मीद है कि यह पोस्ट इस सुविधा का लाभ उठाने में आपके लिए मददगार साबित होगी। यदि आप इसी प्रकार की कोई जानकारीपरक पोस्ट हमसे चाहते हैं तो उसके लिए आपको नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करना होगा। ।।धन्यवाद।।

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